ED Raid 32nd Avenue Group: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली-एनसीआर और गोवा में 32nd Avenue Group से जुड़े सात स्थानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई उन शिकायतों के आधार पर की गई, जिनमें कई निवेशकों ने कंपनी पर निवेश के नाम पर ठगी करने का आरोप लगाया था। जानकारी के मुताबिक, इस मामले में निवेशकों से 500 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी होने की आशंका जताई जा रही है। इन आरोपों के बाद विभिन्न स्थानों पर एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिनके आधार पर ED ने अपनी जांच आगे बढ़ाई।
प्रमोटर और डायरेक्टर्स की भूमिका शक के घेरे में
इस मामले में कंपनी के प्रमोटर और डायरेक्टर्स की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। बताया जा रहा है कि कुछ आरोपी फिलहाल फरार हैं, जबकि कुछ को न्यायिक हिरासत में रखा गया है। प्रवर्तन निदेशालय अब पूरे प्रकरण में पैसों के लेन-देन की कड़ी जांच कर रहा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि धनराशि किन-किन खातों में भेजी गई और उसे किन संपत्तियों में लगाया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें जब्त किया जा सके। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और आने वाले समय में इस मामले से जुड़े और अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।
इससे पहले भी की थी ईडी ने कार्रवाई
वहीं, इससे पहले भी ED द्वारा दिल्ली-एनसीआर में रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ था। ED ने 10 अप्रैल 2026 को Earth Infrastructures Ltd. (EIL) और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की थी। जानकारी के अनुसार, ED की दिल्ली जोनल टीम ने दिल्ली और गुरुग्राम के 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की, जो कंपनी के डायरेक्टर्स, प्रमोटर्स और उनसे जुड़े लोगों से जुड़े बताए जा रहे है। ED ने रेड के दौरान भारी मात्रा में कीमती सामान बरामद किया, जिसमें करीब 6.3 करोड़ रुपये कैश, करीब 7.5 करोड़ रुपये की ज्वेलरी, चांदी के बिस्किट और कई महंगी लग्जरी घड़ियां शामिल थीं।
