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दिल्ली में कूड़ा नहीं उठा तो ठेकेदारों की खैर नहीं...MCD लगाएगा भारी जुर्माना; जानें क्या है एक्शन प्लान

दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण बढ़ने की समस्या को देखते हुए सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सड़कों पर जमा धूल और कचरे का समय पर उठान प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों का अहम हिस्सा है।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

दिल्ली : दिवाली से पहले दिल्ली में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए नगर निगम ने सख्ती की तैयारी की है। महापौर प्रवेश वाही ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में सफाई व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए। साथ ही साफ किया कि शहर की सफाई और कचरा प्रबंधन में सुधार के लिए अब हर सप्ताह समीक्षा बैठक होगी।

बैठक में उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत, सदन के नेता जय भगवान यादव, निगम आयुक्त संजीव खिरवार, सभी जोन के उपायुक्त और सफाई से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कचरा उठाने, उसके निस्तारण और सफाई कर्मचारियों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।

महापौर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड में कचरा प्रबंधन के लिए जरूरी वाहन, व्हील बैरो और सफाई कर्मचारियों के लिए आवश्यक सामान उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही कचरा प्रबंधन से जुड़े नए नियमों को लागू करने पर भी जोर दिया गया। निगम आयुक्त ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता नहीं देने और निर्देशों पर अमल नहीं करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

हर सप्ताह होगी सफाई और प्रदूषण की समीक्षा

दिल्ली में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण बढ़ने की समस्या को देखते हुए सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सड़कों पर जमा धूल और कचरे का समय पर उठान प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों का अहम हिस्सा है। ऐसे में निगम की नई रणनीति के तहत सफाई और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की नियमित समीक्षा की जाएगी।

बैठक में अधिकारियों को अगली समीक्षा बैठक में अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए काम और सुधार के उपायों की रिपोर्ट लाने को कहा गया है। निगम आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि पिछले साल की तुलना में दिल्ली में प्रदूषण की बढ़ोतरी एनसीआर के अन्य शहरों के मुकाबले कम रही है।MCD ने दिल्ली को देश के अग्रणी स्वच्छ शहरों में शामिल करने का लक्ष्य रखा है। अब देखना होगा कि साप्ताहिक समीक्षा और जुर्माने की सख्ती का जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था पर कितना असर पड़ता है।

Prerit Kumar
प्रेरित कुमारauthor

मैं एक जिज्ञासु पत्रकार हूँ, जो खबरों के हर पहलू को निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य का अनुभव रखता हूँ। पत्रकारिता की दुनिया में एक दशक से सक्रिय हूँ। समाज और सच्चाई को जोड़ने वाली सार्थक पत्रकारिता में विश्वास करता हूँ।

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