Shalimar Bagh Bulldozer Action: नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में मैक्स हॉस्पिटल रोड पर आज रविवार सुबह से प्रशासन ने अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी डिमोलिशन कार्रवाई शुरू की है। सड़क को चौड़ा करने की इस परियोजना के तहत करीब 150 रिहायशी और बहुमंजिला मकानों को तोड़ने का काम युद्धस्तर पर जारी है। इस कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था न बिगड़े और किसी भी तरह के बवाल या विरोध प्रदर्शन से निपटा जा सके, इसके लिए दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पैरामिलिट्री फोर्सेस की तैनाती शनिवार रात से ही कर दी गई थी。 इलाके में तनावपूर्ण लेकिन पूरी तरह से नियंत्रित माहौल बना हुआ है।
क्यों तोड़े जा रहे हैं 150 आशियाने? जानिए वजह
दरअसल, यह पूरी कवायद इलाके की मुख्य सड़क को चौड़ा करने के लिए की जा रही है। डिमोलिशन की यह कार्रवाई पूरी होने के बाद आउटर रिंग रोड से आजादपुर मंडी की ओर जाने वाली सड़क को संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर से सीधे आजादपुर मंडी तक कनेक्ट कर दिया जाएगा। स्थानीय प्रशासन और पीडब्ल्यूडी का कहना है कि इस सड़क के चौड़ा होने से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर और आजादपुर मंडी के बीच सीधा और बेहतर संपर्क स्थापित होगा। इससे रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से दिल्लीवासियों को हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचे मकान मालिक, लेकिन नहीं मिली राहत
इस सड़क चौड़ीकरण परियोजना के आड़े आ रहे सभी 150 मकान मालिकों को प्रशासन द्वारा पहले ही कानूनी नोटिस भेजा गया था। नोटिस में सभी को 30 मई 2026 तक अपने-अपने घरों को खाली करने की अंतिम मियाद दी गई थी। प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ स्थानीय निवासियों ने लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। मकान मालिकों ने पहले दिल्ली हाईकोर्ट और फिर देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया, लेकिन सार्वजनिक हित और यातायात की सुगमता को देखते हुए अदालतों से भी उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी। सुप्रीम कोर्ट ने भी सभी को 30 मई तक घर खाली करने के निर्देश दिए थे।
ड्रोन से निगरानी और भारी बैरिकेडिंग; खुद भी मकान तोड़ रहे लोग
तय समय सीमा 30 मई को खत्म होने के बाद जैसे ही रविवार की सुबह हुई, प्रशासन की टीमें बुलडोजर और पोकलेन मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गईं। पूरे क्षेत्र को सील करने के लिए जिले के सभी थानों से अतिरिक्त बैरिकेड्स मंगाए गए हैं और हर गतिविधि पर आसमान से ड्रोन कैमरों के जरिए पैनी नजर रखी जा रही है।
अदालती आदेश के बाद कई लोगों ने खुद ही अपने मकानों को खाली कर दिया था और सामान समेटकर चले गए थे। शनिवार दिनभर लोग अपने घरों से सामान हटाते दिखे और कई मकान मालिकों ने खुद ही अपने अवैध निर्माणों को तोड़ना शुरू कर दिया था ताकि नुकसान कम से कम हो। हालांकि, अभी भी कई घरों में लोगों का घरेलू सामान मौजूद है, जिसे सुरक्षित निकाला जा रहा है। जहां प्रभावित परिवार वर्षों पुराने आशियाने उजड़ने से बेहद दुखी और सहमे हुए हैं, वहीं प्रशासन कानूनी दायरे में कार्रवाई को अंजाम दे रहा है।
यातायात व्यवस्था प्रभावित: रूट डायवर्जन और ट्रैफिक एडवाइजरी
इस महा-ध्वस्तीकरण अभियान के चलते दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता की सहूलियत के लिए एक विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। रविवार सुबह 4:00 बजे से लेकर रात 8:00 बजे तक शालीमार गांव चौक और साहब सिंह द्वार, आजादपुर मंडी अंडरपास और मैक्स हॉस्पिटल रोड, हैदरपुर और दिल्ली पुलिस कम्युनिकेशन मुख्यालय मार्ग आम यातायात के लिए पूरी तरह से बंद रहेंगे। यातायात पुलिस ने इस रूट पर सफर करने वाले वाहन चालकों को जाम से बचने के लिए वैकल्पिक और डाइवर्टेड मार्गों का उपयोग करने की सख्त सलाह दी है। मौके पर नॉर्थ-वेस्ट जिले की DCP समेत कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी खुद मौजूद रहकर पूरी डिमोलिशन ड्राइव की निगरानी कर रहे हैं।
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