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GRAP नियमों पर दिल्ली पुलिस सख्त, 1 नवंबर को 7,000 से ज्यादा वाहनों की चेकिंग, 714 गाड़ियां सीमा से वापस मोड़ी गईं

दिल्ली में वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने ग्रैप (GRAP) नियमों के तहत चेकिंग अभियान तेज कर दिया है। 1 नवंबर को 7,279 वाहनों की जांच कर 714 गाड़ियां सीमा से वापस लौटाई गईं।

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दिल्ली में बिना मानक वाले वाहनों की एंट्री पर रोक (सांकेतिक चित्र)

राजधानी दिल्ली में हवा की बिगड़ती गुणवत्ता और बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ग्रैडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) की पाबंदियों को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है। इस कड़े अभियान के तहत पुलिस टीमों ने 1 नवंबर को 24 घंटे के भीतर दिल्ली की सीमाओं और प्रमुख मार्गों पर 7,279 वाहनों की सघन जांच की। इस दौरान मानकों का उल्लंघन करने वाले 714 वाहनों को दिल्ली की सीमा से वापस मोड़ दिया गया, जबकि 38 वाहनों को जब्त किया गया। दिल्ली पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राजधानी में प्रदूषण फैलाने वाले और तय मानदंडों पर खरे न उतरने वाले वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह अंकुश लगाना है।

1 नवंबर की कार्रवाई का आंकड़ा

ANI की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 नवंबर को रात 12 बजे से शाम 8 बजे तक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 7,279 वाहनों की जांच की गई, जिनमें से 714 वाहनों को नियमों का उल्लंघन करने पर वापस लौटा दिया गया। इसके अलावा 38 वाहनों को जब्त किया गया और 10 वाहनों के चालान काटे गए। आम जनता को जागरूक करने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया और एफएम रेडियो के माध्यम से व्यापक अभियान चलाया है। साथ ही, दिल्ली के सभी प्रवेश द्वारों पर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं और लोगों को नियमों की जानकारी देने के लिए पर्चे भी वितरित किए जा रहे हैं।

NCR के जिलों के साथ अंतर-राज्यीय समन्वय बैठक

प्रदूषण नियंत्रण पाबंदियों को असरदार ढंग से लागू करने के लिए रविवार को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने पड़ोसी जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की। इससे पहले, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और बहादुरगढ़ के परिवहन और ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की थी। इस बैठक में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर रणनीति तैयार की गई। दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में वाहनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करना। मियाद पूरी कर चुके डीजल और पेट्रोल वाहनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई। दिल्ली में प्रवेश की आवश्यकता न रखने वाले व्यावसायिक ट्रकों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर डायवर्ट करना। दिल्ली-NCR में चलने वाली बसों का सीएनजी, इलेक्ट्रिक या केवल BS-VI मानक वाला डीजल वाहन होना अनिवार्य।

रोजाना 10,000 से अधिक चालान और धूल नियंत्रण उपाय

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बैठक में जानकारी दी कि यातायात नियमों और प्रदूषण संबंधी मानदंडों के उल्लंघन पर रोजाना 10,000 से अधिक चालान जारी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देशों का हवाला देते हुए पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सर्दियों में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए दिल्ली और पड़ोसी एनसीआर जिलों के संयुक्त प्रयास जरूरी हैं। सरकार की ओर से सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग, लगातार पानी के छिड़काव और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण उपायों को और तेज किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता खराब होने के चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने 21 अक्टूबर को ही पूरे एनसीआर क्षेत्र में ग्रैप का पहला चरण (Stage 1) लागू कर दिया था।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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