Delhi News: दिल्ली पुलिस ने 15 लाख रुपये नकद और 22 आईफोन लूटने के मामले में तीन महिलाओं सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि पंजाब और जम्मू-कश्मीर में एक सप्ताह से अधिक समय तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद लूटा गया पूरा सामान भी बरामद कर लिया गया है। यह जानकारी शुक्रवार को एक अधिकारी ने साझा की। पुलिस टीम ने घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में लंबी तलाश के बाद आरोपियों को पकड़ा।
उत्तर दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजा बंथिया ने बताया कि इस संबंध में 17 फरवरी को तिमारपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता रमेश लाल (39), जो जम्मू के निवासी हैं, वहां एक मोबाइल दुकान में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 16 और 17 फरवरी के बीच की रात को वह सामान खरीदने और बेचने के लक्ष्य से जम्मू से दिल्ली जा रही एक निजी बस में सवार हुए थे। पुलिस के अनुसार, उनके पास 15 लाख रुपये नकद थे और एक बैग में लगभग 30 लाख रुपये मूल्य के 22 पैक्ड एप्पल आईफोन रखे हुए थे। इसके अलावा, उनके पास एक छोटा बैग भी था, जिसमें उनका निजी मोबाइल फोन मौजूद था।
तीनों महिलाओं को पकड़ा गया
डीसीपी ने जानकारी दी कि 17 फरवरी की सुबह लगभग 7:15 बजे रमेश लाल उत्तरी दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में बस से उतरे। उसी बस में यात्रा कर रहे तीन पुरुष और तीन महिलाएं भी उनके साथ नीचे उतरीं। जब लाल ऑटो-रिक्शा में बैठने की कोशिश कर रहे थे, तभी इन छह लोगों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया और उन पर छेड़छाड़ तथा मारपीट के निराधार आरोप लगाने लगे। अधिकारी के अनुसार, इस हंगामे का फायदा उठाकर पुरुष आरोपी नकदी और 22 आईफोन से भरा बैग लेकर मौके से भाग निकले। हालांकि, लाल का निजी मोबाइल सुरक्षित रहा और आसपास मौजूद लोगों की सहायता से तीनों महिलाओं को घटनास्थल पर ही पकड़ लिया गया।
कौन था इस वारदात का मास्टरमाइंड?
डीसीपी बंथिया ने बताया कि शिकायतकर्ता का छोटा बैग बरामद कर लिया गया है और तीनों महिलाओं को तिमारपुर थाने ले जाया गया। उन्होंने कहा कि पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। पुलिस ने महिलाओं के पास से शिकायतकर्ता का एक लूटा गया मोबाइल फोन भी बरामद किया। गिरफ्तार की गई महिलाओं की पहचान हाशु बीबी (23), जूना बेगम (31) और मनीवा अख्तर (24) के रूप में हुई है, जो सभी जम्मू की रहने वाली हैं। पुलिस के बयान के अनुसार, पूछताछ के दौरान महिलाओं ने बताया कि इस वारदात में कुल छह लोग शामिल थे और जम्मू निवासी परवेज इस साजिश का मास्टरमाइंड था। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि योजना के तहत तीनों पुरुष आरोपी घटना के बाद वापस जम्मू लौट गए थे।
आरोपियों की तलाश के लिए तीन टीमों का गठन
डीसीपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एक संयुक्त टीम बनाई गई और आरोपियों की तलाश के लिए तीन अलग-अलग टीमें जम्मू रवाना की गईं, हालांकि शुरुआती प्रयासों में कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस के अनुसार, 20 फरवरी को एक आरोपी के चंडीगढ़ में छिपे होने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही एक टीम वहां पहुंची और उसे उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह अग्रिम जमानत के लिए अपने वकील से मिलने जा रहा था। आरोपी को पहले से अंदेशा था कि पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पूछताछ में उसने बताया कि लूटा गया सामान परवेज अपने साथ ले गया है। इसके अलावा, दूसरी टीम ने एक अन्य आरोपी तारिक हुसैन (33) का भी सुराग लगा लिया।
पांच दिन तक लगातार तलाश अभियान
पुलिस के अनुसार, तारिक हुसैन अपने पैतृक गांव और उधमपुर के बीच संचालित होने वाली दो निजी बसों का मालिक है। उसकी गिरफ्तारी के लिए बसों के शुरुआती और अंतिम स्टॉप पर निगरानी रखी गई, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। डीसीपी ने बताया कि इसके बाद पुलिस टीम ने उधमपुर के दूरदराज और कठिन इलाकों में पांच दिन तक लगातार तलाश अभियान चलाया। इस दौरान जवानों ने घने जंगलों और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों को पार किया, जहां कई स्थानों पर सड़क तक उपलब्ध नहीं थी। दुर्गम भूभाग के कारण मोबाइल सर्विलांस में भी काफी दिक्कतें आईं। उन्होंने बताया कि पुलिस दल ने गहरे अंधेरे में करीब 25 किलोमीटर पैदल सफर किया और बिना किसी बुनियादी सुविधा वाले वन क्षेत्रों में रात गुजारी।
नकदी और मोबाइल फोन की शत-प्रतिशत बरामदगी
पुलिस के अनुसार, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में करीब 1,500 किलोमीटर से अधिक इलाके में आठ दिन तक चले सघन तलाशी अभियान के बाद टीम ने तारिक को उसके पैतृक गांव के नजदीक स्थित एक जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से दो लाख रुपये नकद बरामद किए गए। शुरुआत में उसने बाकी सामान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन कड़ी पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि परवेज ने ही लूटा गया माल उसे छिपाने के लिए सौंपा था। उसके बताए अनुसार, शेष 13 लाख रुपये नकद और 21 आईफोन उसके घर के उस हिस्से से बरामद किए गए, जहां पशुओं को रखा जाता है। पुलिस ने दावा किया है कि लूटी गई पूरी नकदी और मोबाइल फोन की शत-प्रतिशत बरामदगी कर ली गई है। वहीं, मुख्य आरोपी परवेज अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
(इनपुट -भाषा)
