पिछले चार-पांच दिनों से दिल्ली-एनसीआर में तेज धूप देखने को मिल रही है। कल यानी गुरुवार 23 जनवरी को हल्की बारिश के बावजूद यहां लोगों को गर्मी का एहसास हो रहा है। इस बीच लोगों ने स्वैटर, जैकेट आदि सर्दी के कपड़ों से पीछा छुड़ाना भी शुरू कर दिया है। कहीं आपने भी सर्दी के कपड़ों को संभालना तो शुरू नहीं कर दिया? अगर कर दिया है तो सावधान! अभी सर्दी का एक और अटैक आने वाला है, इसलिए सर्दियों के कपड़े संभालने की जल्दबाजी न करें और कुछ दिन और रुकें।
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर
राजधानी दिल्ली में बुधवार 22 जनवरी को 9.3 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया, गुरुवार 23 जनवरी न्यूनतम तापमान 10.4 डिग्री जबकि आज यानी शुक्रवार 24 जनवरी को न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री रहा। बुधवार को और गुरुवार को तापमान औसत से ज्यादा रहा, लेकिन आज शुक्रवार को न्यूनतम तापमान ने एक बार फिर गोता लगाया। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण पूरे क्षेत्र में तापमान बढ़ा हुआ है।
बड़ी बात यह है कि दिल्ली में इस साल की सर्दियां पिछले 9 साल में सबसे गर्म रहीं। इस साल न तो दिल्ली-एनसीआर में कोई कोल्ड डे देखने को मिला और न ही शीत लहर जैसा कुछ दिखा। दिल्ली में साल 2017-18 के बाद पहली बार ऐसे हालात हैं। यहां पर रात का तापमान भी साधारण से ज्यादा ही रहा है।
सर्दियों का सबसे बुरा दौर गुजर चुका
दिल्ली में इस साल सर्दियों में ठंड का प्रकोप कम रहा और 27 दिसंबर 2024 से 20 जनवरी 2025 के बीच दिल्ली में ठंड अपने चरम पर रही। इस दौरान साधारण अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से कम रहा और न्यूनतम तापमान भी 7 डिग्री से कम रहा। इस दौरान रातें अपेक्षाकृत गर्म रहीं और औसत न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो नॉर्मल से 2 डिग्री ज्यादा और 2015-16 के बाद सबसे ज्यादा रहा।
हालांकि, इस दौरान दिन अपेक्षाकृत ठंडे रहे, क्योंकि क्षेत्र में धुंध और कोहरे के साथ ही आसमान में बादल भी छाए रहे। औसत अधिकतम तापमान इस दौरान 18.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो नॉर्मल से 1 डिग्री कम रहा। 19 जनवरी को अचानक तापमान में बदलाव देखने को मिला, जब तापमान अचानक 5.5 डिग्री बढ़कर 25 डिग्री के पार पहुंच गया। इससे लगा कि अब सर्दियां खत्म हो चुकी हैं। लेकिन जैसा कि हमने ऊपर ही कहा, अभी से सर्दियों के कपड़े संभालने की गलती न करें।
दिल्ली में गर्मी क्यों बढ़ी?
उम्मीद की गई थी कि दिसंबर में ला-नीना अपना असर दिखाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बता दें कि ला-नीना के असर की वजह से ही उत्तर भारत के तमाम इलाकों में ठंड का प्रकोप ज्यादा देखने को मिलता है। लेकिन इस साल ला-नीना की स्थिति नहीं बनी। इसके अलावा आपने देखा होगा कि इस साल एक के बाद एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते रहे, जिसके कारण कई इलाकों में बारिश हुई और पहाड़ों में जमकर बर्फबारी भी हुई। लेकिन वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण हवाओं की दिशा बदलती रही।
ये भी पढ़ें - किसने और कब बनाया था यमुनोत्री धाम का मंदिर, जानें
गर्म कपड़े संभालने से पहले ये पढ़ें
मौसम विज्ञानियों के अनुसार भले ही आप अभी से गर्मी का एहसास कर रहे हों, लेकिन आपको गर्म कपड़े संभालने की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। 19 तारीख के बाद दिन के तापमान में अचानक बढ़ोतरी हवाओं की दिशा में बदलाव के कारण हुई है। इससे उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान बढ़ गया। कल यानी 23 जनवरी को हुई बारिश के बाद मौसम में कुछ बदलाव की उम्मीद अभी और है। इसका असर 25 जनवरी यानी कल शनिवार तक रहने की उम्मीद है।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। शहर (Delhi News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।
