दिल्ली

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, सीमाओं पर कड़ी चेकिंग और भारी बल तैनात, पुलिस ने की शांति बनाए रखने की अपील

Delhi CJP Protest: निर्वाचन आयोग की SIR प्रक्रिया और कथित 'वोट चोरी' के विरोध में जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी है।

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जंतर मंतर पर आंदोलन को लेकर तैनात पुलिस

Photo : ANI

Delhi News: मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित 'वोट चोरी' के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन द्वारा आज जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह मुस्तैद हो गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं (बॉर्डर्स) और प्रमुख एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए शहर भर में पुलिस बल तैनात किया गया है।

क्यों हो रहा है विरोध और क्या हैं मांगें?

विपक्ष का आरोप है कि निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण में अनियमितताएं बरती जा रही हैं। इसी सिलसिले में 'इंडिया' गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने रात ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में मुख्य रूप से चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और चुनाव आयुक्तों को आजीवन प्रतिरक्षा देने वाले 2023 के कानून को निरस्त करना। SIR प्रक्रिया का तत्काल स्थगन और मतदाता सूचियों से कथित तौर पर हटाए गए 13.30 करोड़ मतदाताओं के नाम तुरंत बहाल करना। सभी चुनावों में दोबारा पेपर बैलेट सिस्टम की वापसी। पिछले दो वर्षों के दौरान हुए उन सभी विधानसभा चुनावों को रद्द करना, जिनमें कथित 'वोट चोरी' के पुख्ता सबूत पेश किए गए हैं।

पुलिस ने क्यों नकारा प्रदर्शन का आवेदन?

दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूर्व में इसी क्षेत्र में एक दिवसीय धरने की अनुमति दी गई थी, जो लगभग एक महीने तक चला था। उस दौरान हुई हिंसा और अव्यवस्था में 200 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए थे और आपराधिक रिकॉर्ड वाले 2,000 से अधिक लोग प्रदर्शन में शामिल हुए थे।

बॉर्डर और संवेदनशील इलाकों में कड़े सुरक्षा इंतजाम

दिल्ली-नोएडा, दिल्ली-हरियाणा (बहादुरगढ़ बॉर्डर) और बदरपुर बॉर्डर पर पुलिस ने विशेष चौकसी बढ़ा दी है। बाहर से आने वाले वाहनों और संदिग्ध लोगों की गहन तलाशी ली जा रही है। नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की डीसीपी निहारिका मरोड़ा ने बताया कि नई दिल्ली क्षेत्र में BNSS की धारा 163 लागू है। पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी असामाजिक तत्व शहर में प्रवेश न कर सके। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली यूनिवर्सिटी की कक्षाएं और रोजमर्रा की सामान्य गतिविधियां सुचारू रूप से चलती रहेंगी। पूर्वी रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त मिलिंद कुंभारे ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर गाजियाबाद और नोएडा की ओर से आने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है।

जनता से पुलिस की अपील

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे प्रतिबंधित और अवैध प्रदर्शन में शामिल होने से बचें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए नागरिकों से पुलिस का सहयोग करने की अपील की गई है। किसी भी आपात स्थिति या जानकारी के लिए पुलिस हेल्पलाइन नंबरों की मदद ली जा सकती है।

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Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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