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Delhi Liquor Policy Scam: 'मोदी सरकार के सामने न झुकूंगा-न रुकूंगा', सहयोगियों पर ED की छापेमारी के बाद बोले AAP सांसद संजय सिंह

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 24, 2023, 11:17 AM IST

Delhi Liquor Policy Scam: संजय सिंह ने कहा, मैंने मोदी सरकार की ईडी की तानाशाही और गुंडागर्दी को पूरे देश के सामने उजागर किया। इस बात का सच पूरे देश के सामने रखा कि कि तरह से ईडी अपनी ताकत का इस्तेमाल करके जबरदस्ती शराब घोटाले में लोगों को फंसाने का प्रयास कर रही है।

Delhi Liquor Policy Scam: दिल्ली के शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय(ED)ने आज आप नेता और सांसद संजय सिंह के सहयोगियों के घर पर छापेमारी की। जानकारी के मुताबिक, आप सांसद के करीबी अजीत त्यागी और सर्वेश मिश्रा के घर पर सुबह-सुबह ईडी की टीम पहुंची और छापेमारी अब तक जारी है। इस बीच संजय सिंह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार और ईडी पर तानाशाही का आरोप लगाया है। आप नेता ने कहा है कि मैं मोदी सरकार की तानाशाही को देश को सामने उजागर करके रहूंगा, इसके लिए चाहें मुझे सर्वोच्च न्यायालय तक क्यों न जाना पड़े।

संजय सिंह ने कहा, ईडी को जब मेरे खिलाफ कुछ नहीं मिला, तो उसने मेरे सहयोगियों को प्रताड़ित और परेशान करना शुरू कर दिया है। यह इसलिए हो रहा है क्योंकि मैंने ईडी और मोदी सरकार की तानाशाही और गुंडागर्दी को पूरे देश के सामने उजागर कर दिया।

न झुकूंगा-न रुकूंगा

आप नेता की ओर से जारी किए गए वीडियो में संजय सिंह ने कहा, मैंने मोदी सरकार की ईडी की तानाशाही और गुंडागर्दी को पूरे देश के सामने उजागर किया। इस बात का सच पूरे देश के सामने रखा कि कि तरह से ईडी अपनी ताकत का इस्तेमाल करके जबरदस्ती शराब घोटाले में लोगों को फंसाने का प्रयास कर रही है। जब उनको मेरे खिलाफ कुछ नहीं मिला और गलती मानी तो अब मेरे सहयोगियों के घर पर छापेमारी कर रही है। मैं ईडी को बताना चाहता हूं कि जो भी हथकंडे अपना लो, मैं तुम्हारे सामने न झुकूंगा और न रुकूंगा। उन्होंने कहा, न ही मोदी सरकार के इस हथकंडे के सामने कोई भी समझौता हम लोग करने वाले हैं। संजय सिंह ने कहा, आपसे लड़ेंगे, आपको उजागर करके रहूंगा। भले ही सर्चोच्च न्यायालय में जाना पड़ा। उन्होंने कहा, मुझे आज सुबह जानकारी मिली कि मेरे सहयोगी अजीत त्यागी और सर्वेश मिश्रा के घर पर ईडी ने छापेमारी की है, यह तब हो रहा है जब उन्हें मेरे खिलाफ कुछ नहीं मिला।

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प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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