केजरीवाल सरकार के दौरान लगे 2.6 लाख CCTV कैमरा का ऑडिट कराएगी दिल्ली की रेखा सरकार
- Authored by: Digpal Singh
- Updated Mar 31, 2025, 08:32 AM IST
दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी के समय दिल्ली में लगाए गए 2.60 लाख से अधिक कैमरों का ऑडिट कराने का फैसला लिया है। ऑडिट में कैमरों की इमेज क्वालिटी, कवरेज एरिया और अन्य सर्विलांस सिस्टम के साथ उनका इंटीग्रेशन हुआ है या नहीं, यह भी जांच की जाएगी।
AAP सरकार के दौरान लगे सीसीटीवी का ऑडिट कराएगी दिल्ली सरकार
सत्ता से बाहर होते ही आम आदमी पार्टी (AAP) और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के तमाम फैसलों की जांच शुरू हो गई है। दिल्ली सरकार ने अब पूर्व की AAP सरकार के दौरान लगाए गए 2.6 लाख से ज्यादा CCTV कैमरों की जांच के आदेश दे दिए हैं। यह सीसीटीवी कैमरे केजरीवाल सरकार के आदेश पर PWD ने लगाए थे। रविवार को इस संबंध में आधिकारिक जानकारी दी गई।
अधिकारी ने बताया कि PWD के प्रिंसिपल सेक्रेटरी ने इन सभी सीसीटीवी कैमरों का फिजिकल वैरिफिकेशन के साथ ही फंक्शनल स्टेटस के बारे में भी ऑडिट रिपोर्ट मांगी है। पीडब्ल्यूडी मंत्री परवेश वर्मा ने हाल ही में दिल्ली विधानसभा के अंदर कहा था कि इस बात की भी जांच होगी कि पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी की सरकार के दौरान उन 8 विधानसभा क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगे, जहां भाजपा के विधायक थे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि इन 8 विधानसभा क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि PWD ने दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में 2.70 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रोजेक्ट लाया गया था। फिलहाल दिल्ली के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में 2.63 लाख कैमरे लगे होने का रिकॉर्ड है।
अधिकारी ने बताया कि जहां-जहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, उन सबका फिजिकल वेरिफिकेशन होगा, इससे उनकी गिनती भी हो सकेगी और साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि कैमरे चालू हैं या नहीं। इस दौरान कैमरों की इमेज क्वालिटी, कवरेज एरिया और अन्य सर्विलांस सिस्टम के साथ उनका इंटीग्रेशन हुआ है या नहीं, यह भी जांच की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए कैमरों की इफेक्टिवनेस की जांच होगी, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और दिल्ली पुलिस जैसी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की मदद हो सके।
अधिकारी ने कहा कि PWD कैमरों के ऑडिट और उसकी रिपोर्ट पेश करने के लिए प्राइवेट फर्म की मदद ली जा सकती है। इस ऑडिट रिपोर्ट से PWD को सुधारात्मक उपाय अपनाने में मदद मिलेगी, ताकि सीसीटीवी परियोजना के उद्देश्यों को पूरा किया जा सके। इस ऑडिट में सीसीटीवी फीड के डाटा मैनेजमेंट को भी एनालाइज किया जाएगा, ताकि डाटा प्रोटेक्शन और प्राइवेसी के नियमों को सुनिश्चित किया जा सके। अधिकारी के अनुसार ऑडिट के लिए IT फर्म के चुनाव के बाद दो महीने में ऑडिट रिपोर्ट तैयार होने की उम्मीद है।
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