दिल्ली सरकार ने राजधानी की जर्जर सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार से 950 करोड़ रुपये की सहायता मांगी है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, दिल्ली में लगभग 415 किलोमीटर लंबी सड़कों की हालत पिछले सात से आठ सालों से बेहद खराब है, जिससे लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पहले कभी केंद्र सरकार की योजनाओं जैसे केंद्रीय सड़क निधि का लाभ नहीं उठाया।
हालांकि, नई सरकार के गठन के बाद से अब तक 150 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत हो चुकी है और करीब 100 किलोमीटर हिस्से पर काम जारी है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में सरकार का लक्ष्य कुल 500 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत का है। इस कार्य में रिंग रोड, आउटर रिंग रोड, मथुरा रोड, महिपालपुर-गुरुग्राम रोड, महरौली-बदरपुर रोड, नजफगढ़-ढांसा रोड और नजफगढ़-ककरौला रोड जैसी प्रमुख सड़कें शामिल हैं।
सड़क मरम्मत के साथ-साथ पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटपाथ और जल निकासी के लिए नालों का भी निर्माण किया जाएगा। यह समस्त कार्य ई-निविदा प्रक्रिया के तहत कराया जाएगा और इसे 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि केंद्र सरकार से आर्थिक सहयोग मिलने पर यह कार्य और तेजी से पूरा किया जा सकेगा। सरकार का मानना है कि अच्छी सड़कों से न केवल यातायात सुगम होता है, बल्कि इससे राजधानी की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है और आम लोगों का जीवनस्तर सुधरता है।
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