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दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने शेल्टर होम में बच्चों संग मनाई होली, कर दिया ये वादा

Delhi News: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शेल्टर होम में बच्चों संग होली मनाई। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। सीएम रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि व्यवस्थाओं में जो सुधार होने चाहिए, उसके लिए वे जल्द से जल्द इन मुद्दों का समाधान करें।

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रेखा गुप्ता ने शेल्टर होम में बच्चों संग होली मनाई।

Photo : PTI

CM Rekha Gupta Celebrates Holi with Children: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार को रोहिणी स्थित आशा किरण शेल्टर होम पहुंचीं। सीएम ने शेल्टर होम में खास बच्चों के साथ होली मनाई। इस दौरान उन्होंने बच्चों को गुलाल लगाया और उन्हें होली की शुभकामनाएं दीं।

बच्चों के साथ होली मनाने के बाद क्या बोलीं सीएम रेखा गुप्ता?

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'आज मैंने आशा किरण के बच्चों के साथ होली मनाई और यह बहुत अच्छा अनुभव रहा। बच्चे बहुत खुश नजर आए।' मुख्यमंत्री ने शेल्टर होम की सुविधाओं और बच्चों की रहने की व्यवस्था का जायजा भी लिया।

सीएम ने कहा, 'मैं यह समझना चाहती थी कि बच्चे यहां कैसे रह रहे हैं और व्यवस्था में क्या कमियां हैं। मैंने कुछ सुधारों की आवश्यकता महसूस की है और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द इन मुद्दों का समाधान करें।' रेखा गुप्ता ने आगे कहा कि वह भविष्य में बिना पूर्व सूचना के भी निरीक्षण करेंगी, ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके।

दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष देखभाल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष देखभाल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पार्क की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को शेल्टर होम की क्षमता बढ़ाने के निर्देश भी दिए ताकि अधिक जरूरतमंद बच्चों को यहां आश्रय मिल सके।

दिल्लीवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा, 'मैं सभी दिल्लीवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देती हूं। यह पर्व खुशियों और रंगों का है, लेकिन हमें इसे जिम्मेदारी से मनाना चाहिए। पानी की बर्बादी न करें और प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें। दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।'

इसके साथ ही, उन्होंने अपने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'होलिका दहन के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और हम सभी को सत्य, धर्म और नैतिक मूल्यों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।' उन्होंने कहा कि इस अवसर पर नकारात्मकता, अहंकार और वैमनस्य को जलाकर प्रेम, सद्भावना और नए उत्साह के साथ जीवन में आगे बढ़ें।

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Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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