Delhi Demolition Drive: दिल्ली में लंबे समय से डीडीए जगह-जगह अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहा है। इस बार डीडीए ने मजनू का टीला गुरुद्वारे के पास बसी अवैध बस्ती को हटाने का फैसला लिया है। बता दें कि ये बस्ती यमुना के बिल्कुल किनारे अवैध रूप से बसाई गई है। इस क्षेत्र में मुख्य रूप से पाकिस्तानी हिंदू रहते हैं। गुरुवार, 11 जुलाई देर शाम यहां रहने वाले लोगों को डीडीए का पब्लिक नोटिस मिला। डीडीए की घोषणा के अनुसार, मजनू का टीला गुरुद्वारे के पास अवैध रूप से बसी बस्ती को 13 से 14 जुलाई के बीच हटाया जाएगा। यहां रह रहे लोगों को मकान खाली करने के लिए करीब 36 घंटे का समय दिया गया है। अपनी घोषणा अनुसार, डीडीए ने अवैध अतिक्रमण हटाने का कार्य शुरू कर दिया है।
डीडीए ने लगाया नोटिस
डीडीए द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, गुरुद्वारा मजनू का टीला के दक्षिण में डीडीए की भूमि पर अतिक्रमण को हटाया जाना चाहिए, सिवाय उस हिस्से के जो दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने वाले याचिकाकर्ता का है। बता दें कि इस नोटिस में डीडीए ने एनजीटी के 3 अप्रैल के आदेश और दिल्ली हाईकोर्ट के 12 मार्च वाले आदेश का हवाला दिया है। नोटिस में यहां रहने वाले लोगों से 12 जुलाई तक क्षेत्र को खाली करने का अनुरोध किया गया है। अगर ऐसा नहीं होता है तो 13 जुलाई या उसके बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान के कारण होने वाले नुकसान से वह लोग स्वयं जिम्मेदार होंगे।
इस क्षेत्र के कुछ लोगों को मिली सीएए के तहत नागरिकता
बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले यहां रहने वाले करीब 50 पाकिस्तानी हिंदू रिफ्यूजियों को CAA के तहत भारत में नागरिकता मिली थी। इस क्षेत्र की पहचान पाकिस्तानी रिफ्यूजी कैंप के नाम से होती है। 10 से 15 साल के दौरान पाकिस्तान से भारत आए हिंदू इस क्षेत्र में रहते हैं। यहां करीब 170 घर हैं, जिसमें 900 करीब लोग रहते हैं। यहां रह रहे जिन लोगों को सीएए के तहत नागरिकता मिली है। वह बस इसी बात से परेशान है कि अब उनका क्या होगा, वह कहां जाएंगे, उनके बच्चों के भविष्य का क्या होगा।
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