दिल्ली

दिल्ली के क‌ई इलाकों में हुआ ब्लैक आउट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर भी असर; मंत्री आतिशी ने बताई क्या है वजह

Atishi on Haryana: दिल्ली में केजरीवाल सरकार की मंत्री आतिशी ने ये दावा किया है कि उत्तर प्रदेश में मंडोला में पावर ग्रिड के फेल होने से दिल्ली के क‌ई इलाकों में ब्लैक आउट हुआ। उन्होंने ये भी कहा कि इसका असर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर भी पड़ा है। आपको इस रिपोर्ट में बताते हैं कि आखिर सारा माजरा क्या है।

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आतिशी ने दिल्ली में बिजली कटने के लिए किस पर लगाया आरोप?

Photo : Times Now Digital

Delhi Power Controversy: दिल्ली की बिजली मंत्री आतिशी ने दिल्ली के क‌ई इलाकों में ब्लैक आउट होने पर बताया कि दोपहर 2 बजकर 11 मिनट से दिल्ली के कई हिस्सों में काफी बड़ा पावर कट हुआ है। यूपी के मंडोला में एक पावर ग्रीड में आग लगी है, जहां से 1200 मेगावाट (MW) बिजली दिल्ली को मिलती है। हमारे अन्य पावर सोर्स से हम इसे लिंक कर रहे हैं। मैं आज ही नए पावर मिनिस्टर से समय मांगूंगी, क्योंकि देश के पावर ट्रांसमिशन को केंद्र सरकार चलाती है।

दिल्ली में पावर कट को लेकर क्या बोलीं मंत्री आतिशी?

बिजली मंत्री ने आगे कहा कि यह चिंताजनक है कि आज नेशनल लेवल का पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर ठप हुआ है। देश की राजधानी में नेशनल ग्रीड के फेल्योर काफी चिंताजनक है। दिल्ली की पीक पावर डिमांड 8000 मेगावाट पहुंचने पर भी पावर कट नहीं हुआ था, यह पावर कट नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर के फेल होने के कारण हुआ है। आतिशी ने दावा किया कि बिजली में कटौती से वाटर ट्रीटमेंट प्लांट ठप हो ग‌ए हैं। धीरे-धीरे रिस्टोर करने की कोशिश की जा रही है।

जल आपूर्ति के लिए हरियाणा सरकार पर लगाया आरोप

आतिशी ने दावा किया कि दिल्ली में पिछले कुछ हफ्ते से गंभीर हीट वेब चल रही है, इसके कारण पानी की खपत बढ़ गई है। जितना पानी हरियाणा से मिलना चाहिए वो लगातार कम हो रहा है। वज़ीराबाद बराज हो या मुनक कनाल, हरियाणा पानी नहीं छोड़ रहा है। इसके कारण दिल्ली के WTP पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे हैं। जबकि हरियाणा बोल रहा है कि पूरा पानी छोड़ रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट का जिक्र कर मंत्री ने किया ये बड़ा दावा

दिल्ली की मंत्री ने कहा कि अब हरियाणा के झूठ का पर्दाफाश सुप्रीम कोर्ट में हो गया है। हरियाणा को 1050 क्यूसेक पानी छोड़ना होता है, सुप्रीम कोर्ट में फाइल एफिडेविट में हरियाणा ने जानकारी दी है कि 1 से 22 मई तक 1049 क्यूसेक पानी छोड़ा मुनक कनाल में, लेकिन 23 मई से ये लगातार घटता गया। दिल्ली में चुनाव 25 मई को था, उससे पहले के चार दिनों में दिल्ली को हरियाणा ने पानी कम दिया।

हरियाणा के सीएम को पत्र लिखेंगी दिल्ली की मंत्री आतिशी

आतिशी ने कहा कि 7 जून से 10 जून के बीच भी मुनक कनाल के दोनों सब कनाल में हरियाणा ने काफी कम पानी छोड़ा। यह सुप्रीम कोर्ट के दिए उनके आंकड़े बताते हैं। हरियाणा द्वारा छोड़ा गया पानी, दिल्ली में आते आते और कम हो जाता है। हम ये सभी आंकड़े कल सुप्रीम कोर्ट में भी जमा करेंगे। हमने सुप्रीम कोर्ट में एडिशनल एफिडेविट फाइल किया है। मैं हरियाणा के सीएम को भी पत्र लिखूंगी।

आतिशी ने उपराज्यपाल के बयान पर दिया ये जवाब

उपराज्यपाल का बयान है कि हरियाणा से पूरा पानी आ रहा है, मुनक कनाल को रिपेयर की जरूरत है और पानी टैंकर से पानी चोरी हो रहा है। पहले बयान का झूठ तो हरियाणा के एफिडेविट से साफ है। दूसरी बात यह कि मुनक कनाल के मेंटेनेंस का काम हरियाणा के पास है। दिल्ली सरकार पानी का पैसा हरियाणा सरकार को देती है। अगर बवाना कॉन्टेक्ट प्वाइंट पर कम पानी आ रहा है, इसका मतलब हरियाणा में टैंकर से पानी चोरी हो रहा है, क्या दिल्ली के मंत्री हरियाणा में जाकर पानी चोरी रोकेंगे। भाजपा की तरह उपराज्यपाल दिल्ली सरकार पर ही किसी की भी जिम्मेदारी मढ़ देते हैं। अगर दिल्ली में टैंकर से पानी चोरी हो रहा है तो उपराज्यपाल पुलिस से इसे क्यों नहीं रुकवा रहे हैं। यानी टैंकर उपराज्यपाल के आशीर्वाद से भरे जा रहे हैं।

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Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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