दिल्ली

AAP का एक और नेता जाएगा जेल? AAP विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी छात्र को पीटने के मामले में दोषी करार

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 27, 2023, 10:39 PM IST

AAP MLA Akhilesh Pati Tripathi: घटना 2020 की है। प्राथमिकी फरवरी 2020 में एक छात्र की शिकायत पर दर्ज की गई थी। छात्र ने आरोप लगाया था कि 7 फरवरी, 2020 को जब वह घर जा रहा था, तब आप विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने झंडेवालान चौक, लाल बाग में उसकी पिटाई की थी।

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आम आदमी पार्टी के विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी छात्र को चोट पहुंचाने के मामले में दोषी करार (फोटो- फेसबुक)

AAP MLA Akhilesh Pati Tripathi: दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी पर मुसीबतें थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं। एक के बाद एक नेताओं पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। अभी सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया जैसे धाकड़ आप नेता जेल में बंद हैं, अब ऐसा लग रहा है, आप विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी भी जेल चले जाएंगे। एक मामले में कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है।

क्या है मामला

दिल्ली की एक अदालत ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी को 2020 में जानबूझकर एक छात्र को चोट पहुंचाने का दोषी पाया है।

इस मामले की सुनवाई कर रही विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने कहा कि अभियोजन पक्ष आईपीसी की धारा 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत अपराध के लिए “उचित संदेह से परे” आरोपी को दोषी साबित करने में सफल रहा है।

इस मामले में बरी

हालांकि अदालत ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम) के तहत दंडनीय अपराध से त्रिपाठी को यह कहते हुए बरी कर दिया कि यह घटना राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से उत्पन्न हुई, विशेष रूप से इस तथ्य को देखते हुए कि अगले दिन चुनाव होने थे। न्यायाधीश ने 25 मार्च को पारित एक आदेश में कहा-"अभियोजन पक्ष के इस आरोप पर विश्वास करना मुश्किल है कि अभियुक्त ने शिकायतकर्ता के खिलाफ जाति संबंधी कोई टिप्पणी की थी। ऐसा तो बिल्कुल नहीं लगता कि आरोपी ने शिकायतकर्ता को अनुसूचित जाति का होने की वजह से अपमानित करने या डराने की कोशिश की।"

सजा पर फैसला कब

इस मामले में सजा पर फैसले के लिए थोड़ा इंतजार करना पडेगा। कोर्ट ने इस मामले पर 13 अप्रैल को सजा की अवधि के बारे में दलील सुनेगी। कानून के तहत त्रिपाठी को अधिकतम एक साल की जेल की सजा हो सकती है।

कब का है मामला

घटना 2020 की है। प्राथमिकी फरवरी 2020 में एक छात्र की शिकायत पर दर्ज की गई थी। छात्र ने आरोप लगाया था कि 7 फरवरी, 2020 को जब वह घर जा रहा था, तब आरोपी ने झंडेवालान चौक, लाल बाग में उसकी पिटाई की थी। अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले शिकायतकर्ता ने यह आरोप भी लगाया था कि त्रिपाठी ने उसके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था।

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