Turkman Gate Violence SIT: दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच का दायरा और तेज कर दिया है। आधी रात को हुए इस बवाल में पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके गए थे, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए। अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) करेगी। मिली जानकारी के अनुसार अब तक करीब 50 लोगों की पहचान की जा चुकी है, जिनकी भूमिका की छानबीन की जा रही है।
राजनीतिक भूमिका की भी होगी जांच
इस मामले में राजनीतिक एंगल की भी जांच की जा रही है। पुलिस के पास एक वीडियो सामने आया है, जिसमें समाजवादी पार्टी के एक सांसद घटनास्थल के आसपास मौजूद नजर आ रहे हैं। वीडियो की सत्यता की पुष्टि की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हिंसा से पहले और दौरान उनकी मौजूदगी का उद्देश्य क्या था। सूत्रों के मुताबिक, सांसद मोहिब्बुल्लाह नदवी को जांच में शामिल होने के लिए जल्द समन भेजा जाएगा।
अतिक्रमण हटाने के दौरान भड़की हिंसा
दरअसल, तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बने एक बारात घर और अन्य व्यावसायिक निर्माण के अवैध हिस्सों को हटाने के लिए नगर निगम की टीम देर रात मौके पर पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने गलियों से पुलिस और निगम कर्मचारियों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इस घटना में करीब पांच पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें आईं।
आंसू गैस का इस्तेमाल, हालात पर पाया गया काबू
स्थिति बिगड़ते देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके बावजूद कुछ देर बाद दोबारा भीड़ जुटाने की कोशिश की गई, जिसे पुलिस ने तुरंत नाकाम कर दिया। फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा के पीछे किसी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता और SIT सभी पहलुओं की गहनता से जांच करेगी।
