Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली के भलस्वा डेयरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुकुंदपुर इलाके में आज सुबह बेहद भयावह और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। मंगलवार सुबह घनी आबादी के बीच चल रहे एक अवैध कारखाने में जोरदार गैस सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। धमाका इतना शक्तिशाली था कि लगभग 200 गज के दायरे में फैला एक मंजिला कारखाना पूरी तरह से ढह गया और उसकी छत भरभराकर नीचे गिर गई। हादसे के वक्त कारखाने में कई मजदूर काम कर रहे थे, जो पल भर में मलबे के नीचे दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, NDRF, FSL और जिला क्राइम टीम तुरंत मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए मलबे में दबे 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जिनमें से कई लोग गंभीर रूप से घायल और झुलस गए हैं।
सुबह 9:30 बजे धमाके से दहला इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9:30 बजे अचानक एक के बाद एक तेज धमाकों की आवाज सुनाई दी, जिससे पूरा मुकुंदपुर इलाका दहल उठा। कारखाने की इमारत गिरने से चारों तरफ धूल और धुएं का गुबार छा गया और मलबे के नीचे से लोगों की चीख-पुकार सुनाई देने लगी। दमकल विभाग को सुबह 9:30 बजे जैसे ही इस घटना की सूचना मिली, तुरंत दमकल की गाड़ियों को मौके के लिए रवाना किया गया। स्थानीय निवासियों और पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत मलबे को हटाना शुरू किया। रेस्क्यू टीम ने अब तक 11 लोगों को मलबे से बाहर निकालकर बाबू जगजीवन राम मेमोरियल (BJRM) अस्पताल और बीएसए (BSA) अस्पताल भेजा है। बाहरी उत्तरी जिले के DCP हरेश्वर स्वामी ने बताया कि मलबे से बचाए गए लोगों में एक महिला भी शामिल है, जो गंभीर रूप से झुलस गई है। कुल घायलों में से 6 लोग बेहद बुरी तरह झुलसे हैं, जिन्हें बेहतर और विशेषज्ञ इलाज के लिए सफदरजंग और LNJP अस्पताल रेफर किया गया है। राहत कार्य पूरा होने के बाद शुरुआती जांच में मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की आशंका नहीं पाई गई है।
गैस रिफिलिंग के दौरान हुआ हादसा
प्रारंभिक जांच और पुलिसिया तफ्तीश में जो बात सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। मुकुंदपुर की इस घनी आबादी के बीच अवैध रूप से एक कारखाना संचालित किया जा रहा था। इस कारखाने में सुधीर राय नाम का व्यक्ति बर्तनों की कोटिंग और पॉलिशिंग का काम करता था। इसके साथ ही, यहां बड़े कमर्शियल सिलेंडरों से छोटे गैस सिलेंडरों में गैस रिफिलिंग का अवैध धंधा भी धड़ल्ले से चल रहा था। पुलिस का अनुमान है कि मंगलवार सुबह यह भीषण हादसा संभवतः इसी गैस रिफिलिंग की प्रक्रिया के दौरान लापरवाही बरतने से हुआ।
मिला 84 अवैध गैस सिलेंडरों का जखीरा
धमाके के बाद जब जांच टीमों और पुलिस ने मलबे और आसपास के कमरों की तलाशी ली, तो वहां मौत के सामान का एक बड़ा जखीरा बरामद हुआ। पुलिस को घटनास्थल की शुरुआती जांच के दौरान ही 38 खाली गैस सिलेंडर मिले। इसके बाद जब मकान मालिक के भाई हरकेश उर्फ बबलू पर परिसर में भारी मात्रा में गैस सिलेंडर रखने के आरोपों के तहत कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसकी निशानदेही पर पास के ही एक अन्य कमरे पर छापा मारा गया। वहां से पुलिस को 46 और खाली गैस सिलेंडर मिले, जिनमें 25 घरेलू और 21 कमर्शियल गैस सिलेंडर शामिल थे। पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 84 अवैध सिलेंडरों को जब्त किया है।
2 मामले दर्ज, दोनों आरोपी हिरासत में
रिहायशी इलाके में सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में डालकर अवैध धंधा चलाने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने बेहद कड़ा कानूनी रुख अपनाया है। पुलिस ने इस पूरे मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गैस सिलेंडरों के इस तरह के अवैध और खतरनाक भंडारण को लेकर एक अलग से केस भी दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने मुख्य आरोपी हरकेश उर्फ बबलू और कारखाना चलाने वाले सुधीर राय को हिरासत में ले लिया है। हादसे के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं। पुलिस अब इस बात की विस्तृत वैज्ञानिक जांच कर रही है कि इमारत गिरने और गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण के बीच क्या सीधा संबंध है और यह अवैध रिफिलिंग का नेटवर्क कहां-कहां तक फैला हुआ था।
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