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Delhi News: दिवाली के बाद प्रदूषण से निपटने की तैयारी, MCD ने उतारीं एंटी-स्मॉग गन वाली 12 गाड़ियां

Delhi News: दिल्ली में दिवाली के बाद बढ़ने वाले वायु प्रदूषण की आशंका को देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने धूल नियंत्रण के लिए नई पहल की है। महापौर प्रवेश वाही ने मंगलवार को 12 नई एंटी-स्मॉग गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो आधुनिक उपकरणों से लैस हैं। निगम के मुताबिक, 7,000 लीटर पानी की क्षमता वाली ये गाड़ियां सड़कों पर धूल कम करने के साथ सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में भी मदद करेंगी।

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प्रदूषण से निपटने के लिए MCD का नया एक्शन प्लान

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Delhi News: दिवाली के बाद दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका के बीच दिल्ली नगर निगम (MCD) ने धूल पर नियंत्रण के लिए 12 नई गाड़ियां सड़कों पर उतारी हैं। मंगलवार को महापौर प्रवेश वाही ने सिविक सेंटर से एंटी-स्मॉग गन, वाटर स्प्रिंकलर और जेटिंग सिस्टम से लैस इन गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

निगम का दावा है कि इनसे धूल कम करने के साथ सड़कों की सफाई और दूसरी नागरिक सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा सकेगा। दिल्ली में हर साल अक्टूबर के बाद प्रदूषण की समस्या गंभीर होने लगती है। दिवाली पर पटाखों का धुआं, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और मौसम में बदलाव हवा की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। ऐसे में MCD की नई गाड़ियां धूल नियंत्रण के प्रयासों में मदद कर सकती हैं। हालांकि, केवल एंटी-स्मॉग गन के इस्तेमाल से पूरे शहर के प्रदूषण पर काबू पाना संभव नहीं है।

हर गाड़ी में 7,000 लीटर पानी की क्षमता

MCD के मुताबिक, प्रत्येक गाड़ी में 7,000 लीटर पानी का टैंक लगाया गया है। एंटी-स्मॉग गन और स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव कर धूल के कणों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। इन गाड़ियों का इस्तेमाल सड़कों की धुलाई, छोटी नालियों की रुकावट दूर करने और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई के लिए भी किया जा सकेगा।

महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि इन वाहनों से प्रदूषण नियंत्रण और सफाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। निगम के अनुसार, प्रत्येक गाड़ी की कीमत 35.06 लाख रुपये है। इस हिसाब से 12 गाड़ियों की कुल लागत करीब 4.21 करोड़ रुपये है। इनका संचालन और रखरखाव एक विशेष व्यवस्था के तहत किया जाएगा। गुणवत्ता जांच के लिए तीसरे पक्ष और आईआईटी दिल्ली की मदद भी ली गई है।

दिवाली के बाद प्रदूषण की चुनौती के बीच अब इन गाड़ियों की तैनाती और उनके इस्तेमाल पर नजर रहेगी। यह देखना अहम होगा कि धूल कम करने में इनका कितना असर पड़ता है और निगम प्रदूषण के दूसरे स्रोतों पर नियंत्रण के लिए क्या कदम उठाता है।

Prerit Kumar
प्रेरित कुमारauthor

मैं एक जिज्ञासु पत्रकार हूँ, जो खबरों के हर पहलू को निष्पक्षता के साथ पाठकों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य का अनुभव रखता हूँ। पत्रकारिता की दुनिया में एक दशक से सक्रिय हूँ। समाज और सच्चाई को जोड़ने वाली सार्थक पत्रकारिता में विश्वास करता हूँ।

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