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Delhi Blackout: दिल्ली में आज रात 8:30 बजे बुझेंगी गैर-जरूरी बत्तियां, 'अर्थ ऑवर' की तैयारी; जानें क्या है यह

दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों (BSES और Tata Power DDL) ने उपभोक्ताओं से शनिवार, 28 मार्च को रात 8:30 से 9:30 बजे तक 'अर्थ ऑवर' में भाग लेने की अपील की है। इस एक घंटे के दौरान गैर-जरूरी लाइटें और बिजली उपकरण बंद रखकर लोग जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में अपना योगदान दे सकते हैं।

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कल रात 8:30 से 9:30 बजे तक बिजली उपकरण बंद रखने की अपील

Photo : Times Now Digital

Delhi Earth Hour: दुनिया भर में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरों के बीच आज, शनिवार को 'अर्थ ऑवर' मनाया जाएगा। दिल्ली की तीनों बड़ी बिजली वितरण कंपनियों टाटा पावर डीडीएल, बीएसईएस राजधानी (BRPL) और बीएसईएस यमुना (BYPL) ने दिल्ली के 2.25 करोड़ से अधिक निवासियों से अपील की है कि वे शनिवार रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक अपने घरों और वर्क प्लेसेस की गैर-जरूरी लाइटें और बिजली के उपकरण बंद रखें।

इस साल की थीम: 'पृथ्वी के लिए एक घंटा दें'

WWF-India द्वारा शुरू किए गए इस वैश्विक अभियान का इस साल का विषय 'पृथ्वी के लिए एक घंटा दें' (Give an Hour for Earth) रखा गया है। इसका उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि सामूहिक रूप से किए गए छोटे प्रयास भी पर्यावरण पर सकारात्मक और गहरा प्रभाव डाल सकते हैं। टाटा पावर के प्रवक्ता ने बताया कि यह अभियान उनके 'एक हरित भविष्य की ओर' के दर्शन का हिस्सा है।

दिल्ली का शानदार रिकॉर्ड

दिल्लीवासी पर्यावरण के प्रति हमेशा से सजग रहे हैं। आंकड़ों की बात करें तो पिछले वर्ष अर्थ ऑवर के दौरान दिल्ली ने महज एक घंटे में 260 मेगावाट से अधिक बिजली की बचत की थी। बीएसईएस ने दक्षिण, पश्चिम, पूर्वी और मध्य दिल्ली के अपने लगभग 54 लाख उपभोक्ताओं को एसएमएस, ईमेल और सोशल मीडिया के जरिए इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया है।

सिडनी से शुरू हुआ था सफर

गौरतलब है कि अर्थ ऑवर की शुरुआत साल 2007 में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर से हुई थी। आज यह एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है, जिसमें दुनिया के 190 से अधिक देश शामिल होते हैं। बिजली अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ लाइटें बंद करने का मामला नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रतीक है कि हम अपनी धरती और आने वाली पीढ़ियों के प्रति कितने गंभीर हैं। अचानक बदलते मौसम और बढ़ते तापमान के इस दौर में, शनिवार की रात का यह एक घंटा हमें अपनी जीवनशैली को प्रकृति के अनुकूल बनाने की प्रेरणा देगा।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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