Delhi Oxygen Park: दिल्ली का मौसम दिन-प्रतिदिन बिगड़ता ही जा रहा है। सूरज की तपिश अब बर्दाश्त से बाहर हो गई। भीषण गर्मी और अक्सर प्रदूषण की मार झेल रही राजधानी दिल्ली की सरकार ने एक खास प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री रेखा सरकार ने हाल ही में 100 'ऑक्सीजन पार्क' विकसित करने की योजना बनाई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार शहर के प्रदूषण से निपटने के लिए 100 "ऑक्सीजन पार्क" विकसित करेगी जिनमें घने पेड़ होंगे। उत्तरी दिल्ली में बुराड़ी के मुखमेलपुर गांव में तीन एकड़ भूमि पर विकसित किए जाने वाले पार्क की आधारशिला रखते हुए उन्होंने कहा कि यह शहर का पहला "ऑक्सीजन पार्क" होगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली बीते कुछ वर्षों में "गैस चैंबर" में बदल गई है, लेकिन दिल्ली में प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए किसी ने भी कदम उठाने की चिंता नहीं की।
70 लाख से अधिक पेड़ लगाएगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष दिल्ली सरकार 70 लाख से अधिक पेड़ व झाड़ियां लगाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्हों ने कहा उनकी सरकार पिछले एक साल से प्रदूषण को दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है और यह पार्क दिल्ली सरकार द्वारा प्रदूषण से निपटने के लिए शुरू की गई पहल का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पार्कों में घने फलदार पेड़ लगाए जाएंगे ताकि पक्षियों को आश्रय मिल सके और ऑक्सीजन उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि दिल्ली को ऐसे घने पेड़ों वाले पार्कों की सख्त जरूरत है।
पार्क में क्या-क्या होगा?
मुखमेलपुर स्थित यह पार्क स्थानीय लोगों को हरियाली, स्वास्थ्य, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराएगा। पार्क में लोगों की सुविधा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पैदल चलने के लिए ट्रैक, आकर्षक और ऊर्जा दक्ष लाइटिंग, बैठने और आराम करने के लिए झोंपड़ीनुमा आराम स्थल, सुंदर तालाब तथा विभिन्न प्रजातियों के छायादार पेड़ लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान में कहा गया है कि इसके अलावा पार्क में पर्याप्त हरित क्षेत्र और खुले स्थान भी विकसित किए जाएंगे। गुप्ता ने बताया कि पार्क के निर्माण के लिए वन विभाग ने एक करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके अलावा उन्होंने अपनी विधायक निधि/विवेकाधीन मद से भी एक करोड़ रुपये अतिरिक्त देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम राजधानी में अधिक हरित क्षेत्र बनाने, मौजूदा पार्कों का आधुनिकीकरण करने और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
