New Ashok Nagar Sealing Drive: दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में मंगलवार को प्रस्तावित बड़ी सीलिंग कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में घबराहट बढ़ गई है। इस कार्रवाई की सूचना के बाद कई दुकानदार अपनी दुकानों को बचाने के लिए अलग-अलग उपाय अपनाते नजर आ रहे हैं। इलाके में कई दुकानों के सामने तेजी से ईंटों की दीवारें खड़ी की जा रही हैं, ताकि वे व्यावसायिक प्रतिष्ठान की जगह सामान्य निर्माण जैसी दिखें। सोमवार को न्यू अशोक नगर मेट्रो स्टेशन रोड पर दिनभर मजदूरों की आवाजाही बनी रही। कई स्थानों पर दुकानों के शटर ईंट और सीमेंट से पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब आने वाली सीलिंग कार्रवाई से बचने की कोशिश के तहत किया जा रहा है।
12 मई को DDA और MCD की कार्रवाई
बता दें कि दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली नगर निगम (MCD) की संयुक्त टीम ने 12 मई 2026 को इलाके में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई करने की योजना बनाई है। अधिकारियों के अनुसार, न्यू अशोक नगर मेट्रो रोड और चिल्ला सरोदा बांगर गांव में कई ऐसी संपत्तियों की पहचान की गई है, जहां नियमों के उल्लंघन की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन्हीं मामलों को लेकर यह कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को किया जाएगा सील
पहचानी गई दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को इस कार्रवाई के तहत सील किया जाएगा। इस पूरे अभियान की निगरानी DDA और MCD के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। पूर्वी दिल्ली पुलिस ने आशंका जताई है कि कार्रवाई के दौरान विरोध या तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती की तैयारी की गई है और सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों को मंगलवार सुबह न्यू अशोक नगर पुलिस स्टेशन में एकत्र होने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ऑपरेशन को सुचारु रूप से अंजाम दिया जा सके।
स्थानीय व्यापारियों का क्या कहना है?
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस अचानक होने वाली कार्रवाई से उनके कारोबार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वहीं प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन के साथ चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए यह कदम आवश्यक है। इस पूरे मामले के चलते इलाके में फिलहाल तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मंगलवार को होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई कितनी व्यापक होगी और इसका स्थानीय व्यापार पर क्या असर देखने को मिलेगा।
