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Delhi News: कहां तक पहुंचा दिल्ली की गोल्डन लाइन मेट्रो का काम, जानें कब से ले पाएंगे सफर का आनंद

Delhi Metro Golden Line: दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन का निर्माण तेजी से आखिरी फेज की ओर बढ़ रहा है। इस नए कॉरिडोर के शुरू होने से दक्षिण दिल्ली और एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। दिसंबर तक इसके एक हिस्से के यात्रियों के लिए खुलने की संभावना है, जिससे रोजाना सफर करने वालों को राहत मिल सकती है।

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दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन का काम आखिरी फेज में

Photo : Twitter

Delhi Metro Golden Line: दिल्ली मेट्रो की नई गोल्डन लाइन का निर्माण अब आखिरी फेज में पहुंच गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस कॉरिडोर पर मेट्रो का परिचालन शुरू हो सकता है। इस नई लाइन के शुरू होने से एयरपोर्ट और साउथ दिल्ली के कई इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। यात्रियों को आने-जाने में कम समय लगेगा और सार्वजनिक परिवहन का एक नया विकल्प भी मिलेगा। मेट्रो के इस कॉरिडोर का पहला हिस्सा दिसंबर तक यात्रियों के लिए खोले जाने की संभावना जताई जा रही है। गोल्डन लाइन के चालू होने के बाद एयरपोर्ट समेत दक्षिण दिल्ली के प्रमुख इलाकों तक पहुंचना पहले के मुकाबले आसान हो सकता है। ऐसे में इस नए मेट्रो कॉरिडोर से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

यात्रियों के लिए जल्द खोला जा सकता है पहला फेज

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के अनुसार, एयरोसिटी-तुगलकाबाद गोल्डन लाइन कॉरिडोर का करीब 83 प्रतिशत सिविल निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। निर्माण की मौजूदा प्रगति को देखते हुए माना जा रहा है कि इस कॉरिडोर के पहले चरण के एक हिस्से को इस साल दिसंबर तक यात्रियों के लिए खोला जा सकता है। पहले चरण में तुगलकाबाद से संगम विहार के बीच लगभग 8.5 किलोमीटर लंबे सेक्शन को शुरू करने की योजना है। इस हिस्से में कुल चार मेट्रो स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें तीन स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे, जबकि एक स्टेशन एलिवेटेड यानी जमीन के ऊपर बनाया गया है।

सिल्वर लाइन के नाम से जाना जाता था परियोजना को

दिल्ली मेट्रो की गोल्डन लाइन फेज-4 के तहत विकसित किया जा रहा एक महत्वपूर्ण नया मेट्रो कॉरिडोर है। इस परियोजना को शुरुआत में सिल्वर लाइन के नाम से जाना जाता था। लगभग 25.8 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के जरिए दक्षिण दिल्ली को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 से सीधे जोड़ने की योजना है। गोल्डन लाइन के निर्माण का काम जून 2022 में शुरू किया गया था। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन का लक्ष्य इस पूरे कॉरिडोर को साल 2026 के अंत तक पूरा करने का है।

सरिता विहार डिपो को भी तैयार किया जा रहा

लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, गोल्डन लाइन के रूट में बदलाव इसलिए किया गया था, ताकि कुतुब मीनार और महरौली पुरातत्व पार्क जैसे ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। जनवरी 2024 में दिल्ली मेट्रो ने इस कॉरिडोर का नाम बदलकर सिल्वर लाइन की जगह गोल्डन लाइन कर दिया था। इसके साथ ही गोल्डन लाइन के संचालन के लिए सरिता विहार डिपो को भी तैयार किया जा रहा है। फिलहाल यह डिपो दिल्ली मेट्रो की वायलेट लाइन की ट्रेनों के संचालन और रखरखाव के लिए इस्तेमाल होता है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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