दिल्ली में आज का मौसम (01 July 2026): दिल्ली-NCR के लोग पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस की मार झेल रहे हैं। आसमान में बादलों की आवाजाही के बावजूद दिन में सूरज की तपिश महसूस हुई। हालांकि लोगों को जल्द ही गर्मी से बड़ी राहत मिलने वाली है। आगामी एक से दो दिनों में राजधानी में मानसून के आगमन की संभावना जताई जा रही है। यह उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख तक दस्तक दे चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में मानसून दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में पहुंच सकता है। जिससे दिल्ली में इस हफ्ते अच्छी बारिश होने की संभावना है।
दिल्ली में 1 जुलाई को कैसा रहेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में अगले दो दिन बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी भी चल सकती है। कहीं-कहीं हवाओं की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे तक भी पहुंच सकती है। आज दिन या शाम के समय बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान अचानक मौसम बदल सकता है। वहीं तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है।
दिल्ली में 7 दिन तेज बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 1 से 7 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान घटकर लगभग 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। IMD का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में दस्तक दे सकता है। इस बार मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की एंट्री सामान्य से कुछ देरी से हो रही है, लेकिन अब मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। दिल्ली में मानसून के आगमन की सामान्य तारीख 27 जून मानी जाती है, ऐसे में अगर अगले दो-तीन दिनों में मानसून राजधानी में पहुंचेगा है तो इसे ज्यादा देरी नहीं माना जाएगा।
दिल्ली में क्यों पड़ रही तेज गर्मी
दिल्ली में बीते कई दिनों की तरह ही मंगलवार को भी तेज गर्मी और उमस महसूस हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान तो 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेकिन शाम साढ़े पांच बजे तक 53.5 डिग्री सेल्सियस जैसी गर्मी का एहसास हुआ। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि दिल्ली में अधिक गर्मी महसूस होने की वजह गर्म और नम हवाओं का एक साथ प्रभाव है। पाकिस्तान की ओर से आने वाली शुष्क पश्चिमी हवाएं तापमान बढ़ा रही हैं। वहीं अरब सागर से आ रही दक्षिण-पश्चिमी हवाएं नमी बढ़ा रही हैं। इन दोनों के कारण उमस बढ़ने से तेज गर्मी महसूस हो रही है।
