दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बारिश के बाद सड़क धंसने का वीडियो कल यानी गुरुवार 2 जुलाई को खूब वायरल हुआ। प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी अपने सोशल मीडिया (X) हैंडल से उस वीडियो को शेयर किया था। कांग्रेस ने इस परियोजना में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया था। तमाम मीडिया चैनलों के साथ ही हमने भी आपको इसके बारे में कल ही जानकारी दी थी। अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस पर सफाई दी है। NHAI ने X पर एक पोस्ट लिखकर बताया है कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर हुए गड्ढों को भर दिया गया है। मरम्मत का काम पूरा करके वहां नियमित तौर पर यातायात भी बहाल कर दिया गया है।
इसके साथ ही NHAI ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए परियोजना से जुड़े अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू कर दी है। NHAI के अनुसार, सड़क धंसने की घटना वहां बारिश का पानी जमा होने के कारण हुई। NHAI का कहना है कि संबंधित स्थान पर स्थायी क्रॉस-ड्रेनेज सिस्टम अभी तक चालू नहीं हो सका था, क्योंकि स्थानीय निवासियों के विरोध के चलते बैलेंसिंग कलवर्ट को ड्रेनेज नेटवर्क से जोड़ने की अनुमति नहीं मिल पाई। इसके अलावा, कलवर्ट के मुहाने का इस्तेमाल गाड़ियों की क्रॉसिंग के लिए किया जा रहा था, जिसके चलते प्रस्तावित जल निकासी व्यवस्था लागू नहीं हो पायी थी।
वीडियो वायरल होने के बाद NHAI ने तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया और सड़क को यातायात के लिए खोल दिया। साथ ही, यहां पर स्थायी ड्रेनेज सिस्टम चालू होने तक बारिश के पानी की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए समानांतर अस्थायी नाला (इंटरिम पैरेलल ड्रेन) बनाने का काम भी शुरू कर दिया है। NHAI ने बताया कि प्रभावित हिस्से की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की समस्या पैदा न हो और वाहनों की आवाजाही सुरक्षित हो।
दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर गड्ढे मामले में जिम्मेदारी तय करने के लिए NHAI ने संबंधित प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अथॉरिटी इंजीनियर और EPC कॉन्ट्रैक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा अथॉरिटी इंजीनियर की टीम के टीम लीडर और ठेकेदार के प्रोजेक्ट मैनेजर को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी और उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के बीच यात्रा समय कम करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में शामिल है। ऐसे में मानसून के दौरान सड़क सुरक्षा और जल निकासी व्यवस्था को लेकर यह घटना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। NHAI ने कहा है कि राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और विश्वसनीय बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
