राजधानी दिल्ली के यमुना विहार स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज के सभागार में गुरुवार को एक भव्य और प्रेरणादायक सांस्कृतिक समागम देखने को मिला। अखिल भारतीय साहित्य परिषद न्यास और दिल्ली सरकार की हिंदी अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में यहां 'हल्दीघाटी बाल काव्य पाठ/गायन प्रतियोगिता सह व्याख्यान' का शानदार आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा, राजनीति और समाज जीवन से जुड़ी कई नामचीन हस्तियों ने शिरकत कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया।
वीर रस की कविताओं से बच्चों ने जगाई राष्ट्रभक्ति
इस गरिमामयी कार्यक्रम का सबसे मुख्य और आकर्षक केंद्र 'बाल काव्य पाठ एवं गायन प्रतियोगिता' रही। प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे नन्हे बच्चों ने जब वीर रस से ओत-प्रोत प्रसिद्ध 'हल्दीघाटी' महाकाव्य की कविताओं का पाठ और सस्वर गायन शुरू किया, तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। बच्चों ने अपनी ओजस्वी आवाज और प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से न केवल उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया, बल्कि भारतीय इतिहास, गौरवशाली संस्कृति और साहित्य के प्रति अपनी गहरी समझ का भी परिचय दिया। इस प्रतियोगिता को निष्पक्ष और सटीक रूप से संपन्न कराने के लिए सूर्य प्रकाश और अभिरंजन कुमार ने मुख्य निर्णायक (जज) की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मंच पर जुटे समाज और साहित्य जगत के दिग्गज
कार्यक्रम की अध्यक्षता अंबेडकर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने की। मुख्य अतिथि के रूप में घोंडा विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय विधायक अजय महावर उपस्थित रहे। वहीं, विशिष्ट अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्रीनिवास शर्मा ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
इनके अलावा, देश के जाने-माने साहित्यकार एवं इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती के अध्यक्ष विनोद बब्बर, प्रो. बिजेंद्र कुमार, प्रो. शशि रानी और कुशिक कुमार जैसी शैक्षणिक व साहित्यिक हस्तियों ने भी अपने विचारों से छात्रों को प्रेरित किया। सम्मानित अतिथियों की सूची में क्षेत्रीय निगम पार्षद प्रमोद गुप्ता, पुनीत शर्मा और निरंजना-फल्गु रिवर रिचार्ज मिशन के संयोजक संजय सज्जन शामिल रहे।
"इतिहास और संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़ना जरूरी"
कार्यक्रम के दौरान मंच से बोलते हुए विभिन्न वक्ताओं ने इस अनूठे प्रयास की जमकर सराहना की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजन और प्रतियोगिताएं आज की डिजिटल पीढ़ी के बच्चों को भारतीय इतिहास के गौरवशाली पन्नों, समृद्ध संस्कृति और हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर से जोड़ने का एक बेहद सशक्त और प्रभावी माध्यम हैं। इनसे बच्चों के भीतर देशप्रेम और साहित्यिक मूल्यों का संवर्धन होता है।
इस पूरे सफल आयोजन का शानदार मंच संचालन अखिल भारतीय साहित्य परिषद न्यास के प्रांत मंत्री राकेश कुमार ने किया, जबकि कार्यक्रम को सुव्यवस्थित तरीके से धरातल पर उतारने का श्रेय आयोजन के संयोजक प्रेम कुमार और सह-संयोजक योगेश शर्मा को गया। कार्यक्रम का समापन सभी बाल प्रतिभागियों को पुरस्कृत करने, उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना और समाज में साहित्यिक मूल्यों को जीवित रखने के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ।
