Haridwar News: रविवार की सुबह लगभग 9 बजे हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग की सीढ़ियों पर भगदड़ मच गई। भगदड़ की सूचना मिलते ही हरिद्वार जिला प्रशासन, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य आपातकालीन सेवाओं की संयुक्त टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और बचाव तथा राहत अभियान चलाया। समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक इस घटना में 8 लोगों की मौत हो चुकी है और 30 लोग घायल हैं। दुर्घटना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना पर दुख व्यक्त किया। स्थिति सामान्य होने के बाद शाम चार बजे फिर दर्शन के लिए रास्ते को खोल दिया गया।
घायलों का चल रहा इलाज
प्रदेश के आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मनसा देवी मंदिर के पैदल मार्ग में सुबह नौ बजे मची भगदड़ में आठ श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गयी तथा 30 अन्य घायल हो गए। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल 13 श्रद्धालुओं को बेहतर उपचार के लिए ऋषिकेश स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रेफर कर दिया गया जबकि 13 अन्य घायलों का उपचार हरिद्वार जिला चिकित्सालय और मेला अस्पताल में चल रहा है। चार व्यक्ति मामूली रूप से घायल हुए थे जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अपने गंतव्यों के लिए चले गए। मनसा देवी में हुई घटना की जानकारी के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
करंट की अफवाह से मची थी अफरातफरी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि मंदिर से करीब 100 मीटर नीचे सीढ़ियों के पास बिजली के करंट की अफवाह फैल गयी और प्रथम दृष्टया इसी वजह से भगदड़ मच गयी। हालांकि, उन्होंने कहा कि घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों ने ये बात भी कही कि घटनास्थल पर बिजली के कई तार टूटे मिले हैं जिससे प्रतीत होता है कि भीड़ की वजह से खुद लोगों ने तार पकड़ कर ऊपर चढ़ने की कोशिश की होगी।
कई राज्यों के लोग बने हादसे का शिकार
हरिद्वार जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुए श्रद्धालु उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, हरियाणा, दिल्ली तथा पश्चिम बंगाल के निवासी हैं। मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी आरुष (12), बिहार के अररिया के निवासी सकल देव (18), उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी विक्की सैनी (18), रामपुर के ही विशाल सिंह (19) उत्तराखंड के काशीपुर निवासी विपिन सैनी (18), उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के वकील सिंह (43) और उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के दातागंज के रामभरोसे (65) और उनकी पत्नी शांति (60) के रूप में हुई है।
हो सकता था और बड़ा हादसा
सावन का महीना होने की वजह से मनसा देवी मंदिर में इन दिनों भारी भीड़ उमड़ी रही है और जिस समय घटना हुई संकरे सीढ़ी मार्ग से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु लगातार मंदिर की ओर जा रहे थे। हरिद्वार पुलिस कोतवाली के प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि भारी भीड़ को देखते हुए सुबह हादसे से आधा घंटा पहले ही लोगों को सीढ़ियों वाले मार्ग पर जाने से रोक दिया गया था । शाह ने कहा कि अगर ऐसा न किया जाता तो हादसा और बड़ा हो सकता था।
CM ने दिया मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा शोक जताया है। एक सोशल मीडिया पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। धामी ने हरिद्वार के जिलाधिकारी दीक्षित को घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए। जिलाधिकारी ने हरिद्वार के उपजिलाधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए उन्हें 15 दिन के अंदर रिपोर्ट देने को कहा है।
घायलों से मिले धामी
भगदड़ की घटना के कुछ देर बाद मुख्यमंत्री हरिद्वार पहुंचे और अस्पतालों में भर्ती हर घायल से बातचीत कर उसका हालचाल जाना । उन्होंने उनसे हादसे के बारे में भी जानकारी ली। बाद में वह एम्स ऋषिकेश भी गए। बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को घायलों का समुचित इलाज कराए जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों और घायलों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है और उनके परिजनों को हरिद्वार से उनके गृह नगर तक भेजने की व्यवस्था उत्तराखंड सरकार द्वारा करेगी।
उन्होंने बताया कि उन्होंने आपदा प्रबंधन सचिव को भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, एवं यात्रा मार्गों की व्यवस्था की गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
(इनपुट-भाषा)
