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रॉकी के इश्क में नाबालिग का कातिलाना प्लान, नींद की गोलियां खिलाकर बाप को सुलाया; चाकू से काट डाला

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पिता को नींद की गोली खिलाकर हत्या करने के मामले में दो बेटियों के बाद प्रेमी रॉकी को गिरफ्तार कर लिया गया है। रॉकी पर गोलियां मुहैया कराने और हत्या का प्लान तैयार करने का आरोप है।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

मुजफ्फरनगर : प्यार में अंधापन रिश्तों की बुनियाद का कत्ल कर देता है। अक्सर देखा जाता है कि मोहब्बत में नौसिखिए खौफनाक कदम उठाते हैं। विरोध पर या तो वो खुद को खत्म कर लेते हैं या विरोधी को रास्ते से हटाने का प्लान करते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ मुजफ्फरनगर में, जहां 55 वर्षीय एक दलित व्यक्ति की हत्या के मामले में उसकी दो बेटियों की गिरफ्तारी के चार दिन बाद पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने कहा कि आरोपी की पहचान रॉकी के रूप में हुई है और उस पर आरोप है कि उसने राम प्रसाद की दो बेटियों द्वारा चाकू मारकर अपने पिता की हत्या करने से पहले उन्हें नींद की गोलियां मुहैया कराई थीं।

रॉकी पर हत्या का प्लान बनाने का आरोप

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) आदित्य बंसल ने संवाददाताओं को बताया कि भोपा थाना क्षेत्र के मोरना गांव में 23 फरवरी को राम प्रसाद की हत्या की जांच के दौरान यह सामने आया कि रॉकी का मृतक की 16 वर्षीय बेटी के साथ संबंध था। बंसल ने कहा, "जांच के दौरान, रॉकी नामक युवक नींद की गोलियां मुहैया कराकर हत्या करने के मामले में शामिल पाया गया। उसने गोलियां मुहैया कराने की बात कबूल कर ली है।

नींद की गोलियां खिलाकर बेटियों ने पिता को मार डाला

पुलिस ने बताया कि राम प्रसाद की बड़ी बेटी कोमल (32) और 16 वर्षीय एक नाबालिग बेटी ने कथित तौर पर नींद की गोलियां खिलाकर अपने पिता की चाकू मारकर हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि रॉकी के साथ नाबालिग बेटी के रिश्ते पर राम प्रसाद की आपत्ति और बेटियों पर लगाए गए विभिन्न "प्रतिबंधों" के कारण अपराध को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने घटना वाले दिन ही हत्या का मामला दर्ज कर दोनों बेटियों को गिरफ्तार कर लिया था।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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