Cyclone Arnab: अति गंभीर चक्रवाती तूफान 'अर्नब' (Cyclone Arnab) का असर आंध्र प्रदेश और उसके आसपास के तटीय इलाकों में साफ तौर पर दिखने लगा है। तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कोनासीमा जिले के कई हिस्सों में तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण पेड़ उखड़ गए हैं। काकीनाडा में कई जगह पेड़ गिरने और बिजली की लाइनें टूटने की खबर है। वहीं, विशाखापट्टनम में पेड़ गिरने से बीच रोड और सीतम्मधारा जैसे इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात ने बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश और यनम के तट पर लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान तूफान की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि हवा के झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे। चक्रवात उत्तर-पश्चिम दिशा में करीब 3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा था।
काकीनाडा और यनम के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा
IMD ने बताया कि चक्रवात के लैंडफॉल का क्षेत्र बापटला और विशाखापट्टनम के बीच, यनम के दक्षिण में है। विभाग ने चेतावनी दी कि समुद्र में ज्वार के सामान्य स्तर से 1.5 से 2.5 मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इससे खासकर काकीनाडा और यनम के निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा है। मौसम विभाग के अनुसार, 27 अक्टूबर सुबह 8:30 बजे से 28 अक्टूबर सुबह 3 बजे तक अनकापल्ली और विशाखापट्टनम जिलों के कई स्थानों पर 200 मिलीमीटर से अधिक अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई। पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई।
ओडिशा में प्रशासन अलर्ट
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बुधवार को राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य जनहानि को शून्य रखना है। पुजारी के मुताबिक, चक्रवात ने तड़के करीब 1:30 बजे काकीनाडा के पास लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू की। उन्होंने बताया कि उस समय मिली जानकारी के अनुसार, तूफान स्थिर था। आंध्र प्रदेश के तट में प्रवेश करने के बाद इसके उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए ओडिशा के मलकानगिरी जिले की ओर जाने की आशंका जताई गई
