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Sensex 750 अंक टूटा, Nifty 22600 के नीचे, 4 वजहों बाजार खुलते ही धड़ाम

शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती कारोबार में ही बिकवाली हावी होती दिख रही है। बाजार को नीचे धकेलने के पीछे 4 अहम फैक्टर नजर आ रहे हैं। खासतौर पर बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी क्रैश करते दिख रहे हैं।

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बाजार में बिकवाली हावी

Share Market Opening Today: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 28 अक्टूबर को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 750 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी 180 अंक से अधिक गिरकर 22,600 के स्तर के नीचे पहुंच गया।

क्रूड ऑयल में उबाल से बिगड़ा बाजार का मूड

बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) 115 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा है। सऊदी अरब की रिफाइनरी पर हमले की खबर के बाद तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ी है। इससे महंगाई और ऊर्जा लागत को लेकर चिंताएं फिर गहरा गई हैं।

IT शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली

बुधवार को शुरुआती कारोबार में आईटी शेयर बाजार के सबसे कमजोर हिस्सों में रहे। सुबह इंफोसिस करीब 4.5%, HCL Technologies 3.3%, टेक महिंद्रा 3.1% और TCS 2.6% तक टूट गए थे। सेक्टोरल डेटा में निफ्टी आईटी इंडेक्स की गिरावट 3.26% तक पहुंच गई। अमेरिका से आईटी कंपनियों को होने वाली कमाई काफी अहम है। ऐसे में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले और आगे के संकेतों से पहले निवेशक सतर्क नजर आए। आईटी शेयरों में तेज गिरावट ने भी बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव बढ़ाया।

फेड के फैसले से पहले निवेशक सतर्क

आज यानी बुधवार 28 अक्टूबर को अमेरिकी फेडरल रिजर्व का मौद्रिक नीति पर फैसला आना है। यह फैसला निवेशकों के रडार पर है। ब्याज दरों को लेकर फेड का रुख वैश्विक बाजारों में निवेश की दिशा और उभरते बाजारों में पूंजी के प्रवाह को प्रभावित कर सकता है। इस वजह से निवेशक नए सौदे करने से पहले वैश्विक संकेतों पर नजर रख रहे हैं।

कमजोर टेक्निकल सेटअप और सेंटिमेंट

बाजार को नीचे धकेलने के पीछे कमजोर टेक्निकल सेटअप और कमजोर रिस्क सेंटिमेंट भी अहम साबित हो रहे हैं। निफ्टी और सेंसेक्स साल के निचले स्तर के आसपास हैं। मौजूदा लेवल से इन इंडेक्स के ऊपर की तरफ बढ़ने के लिए कोई मजबूत ट्रिगर नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में गिरावट के और गहरे होने का खतरा मंडरा रहा है। इसके अलावा दूसरी तरफ India Vix भी निवेशकों के कमजोर सेंटिमेंट को दिखा रहा है।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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