नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एशियाई पैरा गेम्स 2026 के पदक विजेताओं से नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने एशियाई पैरा खेलों के पदक विजेताओं से मुलाकात के दौरान कहा कि खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में भारत की बढ़ती पहचान और स्थिति की पुष्टि करता है। भारत के पैरा खिलाड़ियों ने दिखाया है कि शारीरिक चुनौतियों को कैसे मात दी जा सकती है। आपके संघर्ष और आपकी उपलब्धियों से हर भारतीय को प्रेरणा मिलती है। भारतीय दल ने जापान के आइची नागोया में 114 मेडल जीते जो इन खेलों में उसका अबतक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
आपने मेडल के साथ जीते करोड़ों देशवासियों के दिल
प्रधानमंत्री ने पैरा एथलीट्स को संबोधित करते हुए कहा, 'आप सभी से मिलने का मुझे बेसब्री से इंतजार था। कुछ ही सप्ताह पहले मैं एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से मिला था। अब पैरा एशियाई खेल में शामिल आप सभी ऊर्जावान साथियों से मुझे मिलने का अवसर मिला है। आपका शानदार प्रदर्शन यह बताता है कि आज भारत खेल की दुनिया में तेजी से एक बड़ी शक्ति के रूप में उभर रहा है। इतने बड़े मंत पर आप सबने मेडल तो जीता ही है, आपने करोड़ों देशवासियों का दिल भी जीता है।'
हौसलों से होती है ऊंची उड़ान
पीएम ने आगे कहा,'आप सभी पैरा एथलीट ने एक बार फिर ये दिखा दिया है कि सबसे ऊंची उड़ान हौसलों से होती है। मैं आप सभी खिलाड़ियों को 140 करोड़ देशवासियों की तरफ से बधाई देता हूं। आपकी इस उपलब्धि में आपके परिवार, ट्रेनर और कोच की अहम भूमिका है। मैं उनका भी अभिनंदन करता हूं। मैंने पहले भी कहा था, एक सामान्य खिलाड़ी के पीछे कोच को जितनी मेहनत करनी पड़ती है, पैरालंपिक के लिए उससे अनेक गुना ज्यादा मेहनत करनी होती है, तब जाकर के रंग बिखरते हैं। इसलिए उनको मैं विशेष बधाई देता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं।'
ये प्रदर्शन है आपके परिश्रम की पराकाष्ठा
प्रधानमंत्री ने कहा, 'एक समय था जब ज्यादातर खेलों में भारत की भागीदारी केवल औपचारिकता समझी जाती थी। पैरा गेम्स में तो देश बहुत पीछे था। 2010 के पैरा एशियाई खेल में भारत ने बस एक स्वर्ण पदक जीता था। कुल मिलाकर उस टूर्नामेंट में हम केवल 14 मेडल जीत पाए थे। वहीं इस बार हमारे खिलाड़ी 114 मेडल के साथ आए हैं। 14 से 114 की ये यात्रा, ये आपके परिश्रम की पराकाष्ठा है। उसी का परिणाम है। खेल के प्रति आपका जो समर्पण है और एक जो पूरा पारिस्थितिकी तंत्र का विकास हुआ है, उससे परिणाम प्राप्त हो रहा है।'
आपने पूरे देश को गर्व से भर दिया
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा, इस बार 30 स्वर्ण, 35 रजत, 49 कांस्य, 5 नए विश्व रिकॉर्ड, 9 एशियाई रिकार्ड...आपने पूरे देश को गर्व से भर दिया है। इस बार 56 महिला खिलाड़ियों में से 34 बेटियां पदक विजेता बनी हैं। चार स्पर्धाओं में तो मंच पर तीनों जगह हमारा ही झंडा था, हमारे ही खिलाड़ी थे। गोल्ड भी भारत ने जीता, उसी खेल में सिल्वर और ब्रॉन्ज़ भी भारत ने जीता।'
