अपने घर की तलाश में परेशान अंजना की मुस्कान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशीलता से लौट आई। साल की शुरुआत में ही सीएम ने उन्हें एक अनमोल तोहफा दिया, जिसे पाकर अंजना भाव-विभोर हो उठीं और कहा, “गॉड ब्लेस यू, योगी अंकल!” दरअसल, इंदिरा नगर की रहने वाली अंजना का घर एक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर हड़प लिया था। रिहैबिलिटेशन सेंटर में रह रही अंजना ने बुधवार को सीधे मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी व्यथा बताई। सीएम ने उनकी बात ध्यान से सुनी और मामले की त्वरित जांच कराने का निर्देश दिया।
योगी के आदेश पर प्रशासन और पुलिस की टीम ने मामले की जांच कर, नए साल के पहले ही दिन अंजना को उनका घर सौंप दिया। अंजना की खुशी को देखकर यह साफ था कि मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता ने उन्हें “छांव” दी। भाव-विभोर अंजना ने योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया। जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त मेजर स्व. बिपिन चंद्र भट्ट का इंदिरा नगर में ए-418 नंबर का घर था। मेजर भट्ट का 1994 में निधन हो गया। उनके एक बेटे और दो बेटियां थीं, जिनमें से बेटा और बड़ी बेटी अब नहीं हैं। छोटी बेटी अंजना मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या सिजोफ्रेनिया से पीड़ित हैं। तबियत बिगड़ने पर उन्हें 2016 में निर्वाण रिहैबिलिटेशन सेंटर में रखा गया, जहां उनके इलाज की देखरेख की गई। तब से अंजना वहीं रह रही हैं।
फर्जी दस्तावेज का सहारा मकान पर कब्जा
पीड़िता अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से व्यक्तिगत रूप से मिलने की गुजारिश की। यह मामला सामने आते ही 31 दिसंबर की शाम को मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने कार्यालय में बुलाया और उनकी व्यथा ध्यान से सुनी। अंजना ने बताया कि हाल ही में चंदौली के निवासी बलवंत यादव ने फर्जी दस्तावेज का सहारा लेकर उनके मकान पर कब्जा कर लिया है। मकान पर अब बलवंत कुमार का नाम भी लगा हुआ है। उन्होंने छह दिसंबर को स्थानीय थाने में प्रार्थना पत्र देकर मकान खाली कराने की मांग की थी, लेकिन इसमें देरी होने लगी। ऐसे में उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी दिक्कत साझा की।
परिजनों के निधन के बाद स्थिति हुई गंभीर
रिहैबिलिटेशन सेंटर के डॉक्टर संतोष दुबे ने बताया कि माता-पिता और भाई-बहनों के निधन के बाद अंजना की मानसिक और शारीरिक स्थिति गंभीर हो गई थी। वह अक्सर फुटपाथ पर बैठी रहती थीं। इस स्थिति की जानकारी मिलने पर 2016 में उन्हें रिहैब सेंटर लाया गया, जहां उनका इलाज शुरू हुआ और उनकी देखभाल की गई। हाल ही में उन्हें अपने मकान पर अवैध कब्जे की शिकायत मिली, जिसके बाद उन्होंने स्थानीय थाने में प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद बुधवार को अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर अपनी व्यथा साझा की।
24 घंटे अंदर मकान वापस दिलवाया
मुख्यमंत्री ने उनकी पूरी बात ध्यान से सुनी और पुलिस को आदेश दिया कि आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए और जांच कर पीड़िता को उनका मकान दिलाया जाए। सीएम के निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हुई और मात्र 24 घंटे के भीतर जांच पूरी कर अंजना को उनके मकान में प्रवेश दिलाया गया। गुरुवार को पुलिस और सेना के अधिकारियों की मौजूदगी में अंजना के मकान का ताला खोला गया। घर में प्रवेश करते ही उन्होंने हर कमरे का जायजा लिया, दीवारों को छुआ और पुराने दिनों की यादों को ताजा किया। इसके बाद बाहर आकर उन्होंने नारियल फोड़ा, दीप जलाया और पुष्प अर्पित किए। पड़ोस की महिलाएं उनके साथ भावुक हो उठीं और अंजना ने बचपन की यादें साझा कीं।
“थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू।”
अपने घर में प्रवेश के बाद अंजना की आंखों में खुशी के आंसू थे और उनके दिल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति गहरा आभार उमड़ा। उन्होंने कहा, “योगी अंकल महान हैं। उन्होंने हमारे दुख को समझा और हमारी मदद की। थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू।” अंजना की सीएम से मुलाकात के तुरंत बाद पुलिस ने सक्रिय हो कर मामले की जांच शुरू की और अंजना को उनके मकान में कब्जा दिलाया। एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपी बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू, पुत्र रामदुलारे यादव, निवासी ग्राम नारायणपुर, सैयदाराजा-चंदौली और मनोज कुमार यादव, पुत्र स्व. उमाशंकर यादव, निवासी दाउदपुर, थाना कोतवाली चंदौली को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया।
