Kishtwar Cloudburst: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में आज यानी गुरुवार 14 अगस्त को बादल फटने की खबर है। किश्तवाड़ में मचैल माता यात्रा मार्ग में बादल फटने से कई यात्रियों के फंसे होने की भी खबर है। बादल फटने के बाद यहां फ्लैश फ्लड आया, जिससे वहां चीख-पुकार और अफरातफरी मच गई। अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना में सीआईएसएफ के दो जवानों समेत कम से कम 46 लोगों की मौत हो गई, साथ ही साथ 167 लोगों को बचाया गया।
शुरुआती खबरों के अनुसार बादल फटने के बाद आए फ्लैश फ्लड में कई लोगों के लापता होने की बात कही जा रही थी। लेकिन तुरंत आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। एक आंकलन के अनुसार यहां 200-300 लोगों के फंसे हो सकते हैं। जैसे-जैसे किश्तवाड़ से जानकारी आएगी, हम आपको वहां के ताजा हालात से अवगत कराएंगे।
किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर पंकज शर्मा ने बताया कि बादल फटने की यह घटना चोसिटी गांव में वहां हुई है, जहां से मचैल माता यात्रा की शुरुआत होती है। उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर में नेता प्रतिपक्ष और पद्दर-नागसेनी से विधायक सुनील कुमार शर्मा के अनुसार अभी तक कोई आंकड़ा या डेटा उनके पास नहीं है, लेकिन यहां भारी नुकसान की आशंका है।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने X पर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि किश्तवाड़ के चोसिटी में बादल फटने की घटना से दुखी हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदानाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय अधिकारियों, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को निर्देश दिया है कि वे तेजी से राहत और बचाव कार्य करें और प्रभावित लोगों के लिए हर संभव सहायता सुनिश्चित करें।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भी बादल फटने की इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने लिखा, 'अभी-अभी किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर पंकज शर्मा से बात हुई।' अपने इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि चोसिटी इलाके में बादल फटने की भीषण घटना हुई है। प्रशासन की तरफ से राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने इस संबंध में मीडिया से भी बात की।
किश्तवाड़ के चोसिटी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, 'मुझे जम्मू-कश्मीर विधानसभा में विपक्ष के नेता और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा का फोन आया, जिन्होंने मुझे उनके क्षेत्र में बादल फटने की भीषण घटना के बारे में बताया। यह वही मार्ग है जहां प्रसिद्ध मचैल माता यात्रा होती है। बादल फटने की यह घटना बहुत बड़े पैमाने पर हुई है, जिससे भारी जनहानि की आशंका है। हमने तुरंत जिला प्रशासन से संपर्क किया, जो खुद भी हैरान था, क्योंकि यह घटना सबके लिए अप्रत्याशित थी। प्रशासन की टीम घटना स्थल की ओर रवाना हो चुकी है। बहुत जल्द हमें और जानकारी मिलेगी। हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अगर संभव हुआ तो प्रशासन मेडिकल उपचार के लिए हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू की भी व्यवस्था करेगा।'
इस हादसे पर मुख्यमंत्री ने भी सोशल मीडिया 'एक्स' पर पोस्ट कर दुख जाहिर किया। मुख्यमंत्री ने किश्तवाड़ में बादल फटने की दुखद घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री कार्यालय जिला प्रशासन के संपर्क में है और राहत एवं बचाव के सभी उपाय किए जा रहे हैं।
