Chardham Yatra: मई में शुरू होने वाले केदारनाथ यात्रा को लेकर उत्तराखंड चारधाम महापंचायत की बैठक हुई। इस बैठक में महा पंचायत ने रील्स बनाने वाले लोगों को लेकर अहम फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार, केदारनाथ धाम मंदिर परिसर में रील्स बनाने पर बैन लगा दिया गया है। इस फैसले पर महा पंचायत के सभी लोगों का समर्थन है। इतना ही नहीं, इस संबंध में प्रदेश के पर्यटन सचिव से भी मुलाकात की गई है। जानकारी के अनुसार, केवल रील्स पर ही नहीं बल्कि अन्य प्रकार की वीडियो पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।
केदारनाथ मंदिर परिसर में रील्स बनाने पर लगी बैन
आज के समय में रील्स बनाने वाले लोगों की कोई कमी नहीं है। लोग कहीं भी किसी भी समय रील्स बनाने लग जाते हैं। इससे अक्सर अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी प्रकार पिछले साल हुई केदारनाथ यात्रा में भारी संख्या में लोगों को रील्स बनाते हुए देखा गया है। इससे बचने के लिए इस साल केदारनाथ मंदिर परिसर में रील्स बनाने पर बैन रहेगा। केदरानथ ही नहीं, चारधाम महा पंचायत की बैठक में निर्णय लिया गया है कि चारों धामों में रील्स बनाने पर यात्रा की अवधि के दौरान बैन रहेगा। इसलिए चारधाम महा पंचायत ने प्रदेश के पर्यटन सचिव से भी मुलाकात की और रील्स के अलावा अन्य प्रकार के वीडियो बनाने पर रोक लगाने की मांग की।
केदारनाथ में लगता रील्स बनाने वालों का रेला
उत्तराखंड के चारों धामों में सबसे अधिक रील्स और वीडियो केदारनाथ धाम के बनते हैं। यात्रा के दौरान यहां कई प्रकार के यू-टयूबर पहुंच जाते हैं, जो धाम में अनेक प्रकार के वीडियो और रील्स बनाकर उन्हें वायरल कर देते हैं। इन रील्स और वीडियो का असर यात्रा पर भी पड़ता है। आस्था लेकर धाम पहुंचने वाले भक्तों को भी इन रील्स व वीडियो बनाने वालों से परेशानी होती है। श्रद्धालुओं की इस परेशानी को दूर करने के लिए इस बार यात्रा के शुरुआत से ही रील्स पर बैन रहेगा।
निमयों को तोड़ने वालों के खिलाफ होगी कार्यवाही
केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज ने रील्स बनाने वालों का कड़ा विरोध किया है। सरकार के अलावा बद्री-केदार मंदिर समिति से भी समर्थन मांगा गया है। यदि कोई नियमों को तोड़ता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि चारों धामों पर रील्स व अन्य वीडियो बनाने वालों पर बैन लगना चाहिये। इस संबंध में चार धाम महा पंचायत की बैठक भी इस दिशा में हुई। इस बैठक में निर्णय लिया गया है कि मंदिर परिसर में रील्स या अन्य वीडियो पर बैन लगना चाहिए। इसके अलावा मंदिर में वीआईपी दर्शन व ढ़ोल नगाड़ों के प्रदर्शन पर भी रोक लगनी चाहिए।
