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चार धाम यात्रा ने फिर पकड़ी रफ्तार, मौसम साफ होने के साथ बढ़ी श्रद्धालुओं की तादाद

Char Dham Yatra: उत्तराखंड में चार धाम यात्रा फिर शुरू हो गई है। यात्रा के शुरू होने के साथ भारी संख्या में श्रद्धालु तीर्थयात्रा के लिए पहुंच रहे हैं। पिछले महीने खराब मौसम के कारण यात्रा को रोका गया था। लेकिन मौसम साफ होने के साथ चार धाम यात्रा ने भी रफ्तार पकड़ ली है।

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चार धाम यात्रा 2024

Char Dham Yatra: उत्तराखंड में चार धाम यात्रा की शुरुआत इस साल 10 मई से हुई थी। पिछले महीने राज्य में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर थी और कई स्थानों पर भूस्खलन की स्थिति बनी हुई थी। भारी बारिश से राज्य में आई आपदा के कारण चार धाम यात्रा पर कुछ समय के लिए विराम लगा पड़ा था। मौसम के साफ होने के साथ चार धाम यात्रा की फिर शुरुआत हुई। जैसे-जैसे मौसम साफ हो रहा है, वैसे-वैसे भारी संख्या में श्रद्धालु यात्रा के लिए पहुंच रहें है। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार अभी तक (21 सितंबर) तक 35 लाख से अधिक भक्त चार धाम की यात्रा पूरी कर चुके हैं।

चार धाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार

मौसम साफ होते ही चार धाम यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे श्रद्धालु भारी संख्या में उत्तराखंड पहुंचे हैं। जारी रिकॉर्ड के मुताबिक, बद्रीनाथ धाम में अब तक 9,89,282 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि केदारनाथ धाम में 11,45,897 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। गंगोत्री धाम में अब तक 6 लाख 72592 श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं और यमुनोत्री धाम में अब तक 5 लाख 83455 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। हेमकुंड साहिब में भी 1,66,503 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। साल 2023 में 56 लाख तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए थे।

बता दें कि उत्तराखंड की चारधाम यात्रा शुरू होने के एक महीने बाद यानी 19 जून तक कुल 24.60 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चार धाम के दर्शन कर चुके थे। लेकिन मौसम खराब होने की वजह से यात्रा कुछ दिनों के लिए स्थगित कर दी गई थी। इसके बाद अगस्त से श्रद्धालुओं का जाना शुरू हुआ। अब यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी है।

तीर्थयात्रियों के लिए सरकार ने उपलब्ध कराई कई सुविधाएं

उत्तराखंड सरकार तीर्थयात्रियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। यात्रा मार्ग पर पेयजल की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध कराई गई है और तीर्थयात्रियों के ठहरने और खाने-पीने की भी व्यवस्था की गई है। तीर्थयात्रियों को सभी धामों में जाने में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो रही है। तीर्थयात्रियों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने और मानसून सीजन में सभी समस्याओं से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग और पर्यटन विभाग ने आपस में समन्वय स्थापित कर सभी जिलों को एसओपी भेज दी है।

(इनपुट - IANS)

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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