Rahul Gandhi Punjab Flood Visit: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी आज पंजाब के दीनानगर स्थित मकोड़ा पतन रावी दरिया क्षेत्र में पहुंचे, जहां उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। हालांकि, उन्हें रावी दरिया के उस पार बसे सात गांवों में जाने की अनुमति नहीं दी गई। इस फैसले को लेकर राहुल गांधी और गुरदासपुर जिला प्रशासन के बीच तीखी बहस भी हुई। राहुल गांधी ने कहा कि वह दरिया पार बसे गांवों के लोगों से मिलना चाहते हैं और समझना चाहते हैं कि वे किन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उन्हें लोगों से मिलने से क्यों रोका जा रहा है। मौके पर मौजूद एसपी युगराज सिंह उन्हें समझाने की कोशिश करते नजर आए।
राहत और समर्थन देने के इरादे से आए थे राहुल गांधी
इस दौरान उनके साथ मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने प्रशासन के रवैये पर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राहुल गांधी आम जनता से मिलने के लिए आए थे, लेकिन उन्हें दरिया पार जाने से रोक दिया गया।" पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने बाढ़ से पहले किसी तरह की तैयारी नहीं की, जिसके कारण यह संकट पैदा हुआ है और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी राहत और समर्थन देने के इरादे से आए थे, लेकिन प्रशासन द्वारा उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया।
केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की बनती है जवाबदेही
सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा, "इस पूरे मामले में जवाबदेही केंद्र और राज्य दोनों सरकारों की बनती है।" उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने दोनों दरियों का पानी एक साथ छोड़कर पूरे क्षेत्र को जलमग्न कर दिया और इसकी जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों को लोगों से मिलने से रोककर लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाई है, और बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने में विफल सरकारों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
