चण्डीगढ़

Bathinda Military Station Firing: पुलिस ने सेना के एक जवान को हिरासत में लिया, घटना में शामिल एक हथियार भी बरामद

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 17, 2023, 10:12 AM IST

Bathinda Military Station Firing: बठिंडा के मिलिट्री स्टेशन पर 12 अप्रैल को गोलीबारी हुई थी। इस घटना में सेना के चार जवानों की मौत हो गई थी।

Image

बठिंडा मिलिट्री स्टेशन फायरिंग मामला

Photo : ANI

Bathinda Military Station Firing: बठिंडा मिलिट्री स्टेशन फायरिंग मामले में पुलिस ने सोमवार को सेना के एक जवान को हिरासत में लिया है। बता दें, 12 अप्रैल को बठिंडा मिलिट्री स्टेशन पर फायरिंग की घटना में चार जवानों की मौत हो गई थी। जानकारी के मुताबिक, सेवा के जवान नींद में थे, इसी दौरान उन्हें गोली मारी गई।

चार जवानों से की गई थी पूछताछ

पंजाब पुलिस के मुताबिक, इस मामले में सेना के चार जवानों से पूछताछ की गई थी, जिसके बाद एक को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस ने दो अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया, फायरिंग की घटना के चश्मदीद मेजर आशुतोष शुक्ला के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में कहा गया है कि मारे गए चार जवानों की पहचान सागर, कमलेश, संतोष और योगेश के रूप में हुई है।

दो लोगों ने किया था हमला

प्राथमिकी के मुताबिक, मृतक चारों जवान अपनी ड्यूटी खत्म करने के बाद कमरे में सो रहे थे। तभी कुर्ता-पायजामा पहने दो नकाबपोश लोगों ने उन पर राइफल और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि घटना में शामिल एक हथियार को जब्त कर लिया गया है।

घटना से पहले गायब हुई थी एक इंसास राइफल

बता दें, घटना के बाद सेना की ओर से बयान जारी किया था। इसमें कहा गया था कि 28 राउंड के साथ एक इंसास राइफल कथित तौर पर पिछले दो दिनों से गायब हो गई थी। इस घटना के पीछे कुछ कर्मियों का हाथ हो सकता है। घटना के बाद, पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई थी। सूत्रों के मुताबिक, घटना की जारनकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे को भी दी गई थी। पूरे मामले में सेना और पंजाब पुलिस मिलकर जांच कर रहे हैं।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article