चण्डीगढ़

जमीन-जायदाद की ‘ईजी रजिस्ट्री’ व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना पंजाब, पढ़ें लोगों को क्या मिलेगा फायदा

पंजाब सरकार ने बुधवार से पूरे राज्य में “ईजी रजिस्ट्री” प्रणाली लागू कर दी है, जिससे जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक तेज़, सरल और पारदर्शी हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फतेहगढ़ साहिब में इसका शुभारंभ करते हुए बताया कि अब नागरिक किसी भी जिले में मौजूद किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में उस जिले की किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री करवा सकेंगे।

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‘ईजी रजिस्ट्री’ व्यवस्था लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना पंजाब: सीएम भगवंत मान।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

पंजाब सरकार ने जमीन-जायदाद की रजिस्ट्री प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए बुधवार से पूरे राज्य में “ईजी रजिस्ट्री” व्यवस्था लागू कर दी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फतेहगढ़ साहिब में इस नई प्रणाली की शुरुआत करते हुए कहा कि अब संपत्ति पंजीकरण तेज, सरल और पूरी तरह पारदर्शी होगा। इसके साथ ही पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जिसने रजिस्ट्री को इतनी व्यापक रूप से सरल किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से रजिस्ट्री को जटिल और भ्रष्टाचार से भरी प्रक्रिया माना जाता था। लोग बार-बार सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर थे। अब नई व्यवस्था में नागरिक किसी भी जिले के अंदर किसी भी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में उस जिले की किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री करवा सकेंगे।

मात्र 500 रुपये में तैयार करवा सकेंगे 'सेल डील'

नई प्रणाली के तहत लोग मात्र 500 रुपये शुल्क देकर ऑनलाइन या सेवा केंद्रों के माध्यम से ‘सेल डीड’ तैयार करवा सकेंगे। इसके साथ ही आवेदन, मंजूरी, भुगतान, आपत्ति और अंतिम दस्तावेज तैयार होने तक हर चरण की जानकारी व्हाट्सएप पर उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि रिश्वत मांगने की शिकायत भी सीधे व्हाट्सएप के माध्यम से दर्ज की जा सकेगी।

मान ने कहा कि तहसीलदार अब रजिस्ट्री पर अनावश्यक आपत्ति नहीं लगा सकेगा। सभी प्रक्रियाओं के लिए 48 घंटे की समय-सीमा तय की गई है और किसी भी आपत्ति की वैधता की जांच डिप्टी कमिश्नर द्वारा की जाएगी। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद नागरिकों को पुष्टि संदेश भी व्हाट्सएप पर भेजा जाएगा, जिससे एक ही विजिट में दस्तावेज़ प्राप्त किए जा सकेंगे।

क्या है ड्राफ्ट माई डीड सुविधा?

सरकार ने “ड्राफ्ट माई डीड” सुविधा भी शुरू की है, जिसके जरिए नागरिक स्वयं अपना दस्तावेज तैयार कर सकेंगे। लेन-देन के अलग बैंक सबूत पेश करने की आवश्यकता भी खत्म कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सुधारों की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को बिना किसी परेशानी के तेज़ और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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