UP MLC Election 2026 : उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीट के लिए शुक्रवार सुबह आठ बजे से शाम चार बजे कर मतदान किया गया। इन सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इन चुनावों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है। वोटिंग के दौरान प्रदेश भर के विभिन्न पोलिंग बूथों पर वोट चोरी और बूथ लूटने के आरोप लगाए गए। समाजवादी पार्टी के तमाम कार्यकर्ताओं और प्रत्याशियों ने इससे जुड़े कुछ वीडियो भी साझा किए हैं। आगरा से सपा की ओर से शिक्षक एमएलसी प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने मीडिया के सामने मतदान प्रक्रिया में धांधली के आरोप लगाते हुए फूट-फूट कर रोते नजर आए। उन्होंने आरोप लगाया सनातन के नाम पर उनके साथ ज्यादती हो रही है। मौजूदा हालात से उनका भरोसा उठ गया है। लिहाजा, वे अगले महीने लखनऊ जाकर इस्लाम धर्म अपना लेंगे...
बूथ कैप्चरिंग का आरोप
सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान उनके समर्थकों, सहयोगियों और परिवार के लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि खेरागढ़ के बूथ नंबर 20 पर कब्जा किए जाने की घटना हुई है और इससे जुड़ा वीडियो कमिश्नर को भेजा गया है।
सपा प्रत्याशी के मुताबिक, खेरागढ़ में ही एक अन्य घटना के दौरान पीठासीन अधिकारी के भोजन करने के समय मतदाताओं को बाहर निकालकर कमरे का दरवाजा बंद कर दिया गया। उन्होंने छाता के बूथ नंबर 40 पर भी बूथ कैप्चरिंग की कोशिश का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
'ऐसा व्यवहार हो रहा है, जैसे मैं आतंकवादी हूं'
आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि प्रदेश के 12 जिलों में उनके प्रबंधकों और समर्थकों को परेशान किया जा रहा है। लोगों के खिलाफ आरोप लगाए जाते हैं, उन्हें उठाया जाता है और उनके साथ अभद्रता की जाती है। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा महसूस कराया जा रहा है, मानो वह पाकिस्तान से आए कोई आतंकवादी हों। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि उन्हें झूठे मामलों में फंसाया जा सकता है। इस दौरान वह कैमरे के सामने भावुक होकर रोने लगे।
हार-जीत से फर्क नहीं पड़ता : आकाश अग्रवाल
सपा प्रत्याशी ने कहा कि उनके लिए चुनाव जीतना या हारना सबसे अहम मुद्दा नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अगर उन्हें पहले ही चुनाव नहीं लड़ने के लिए कह दिया जाता, तो वह मैदान में नहीं उतरते। उन्होंने अपने परिवार, सहयोगियों और शिक्षकों को परेशान न करने की अपील भी की। आकाश अग्रवाल ने कहा कि वह किस राजनीतिक दल से चुनाव लड़ेंगे, इसका फैसला उनका अपना है। उन्होंने अधिकारियों के व्यवहार पर नाराजगी जताते हुए धर्म परिवर्तन करने की बात दोहराई।
किन सीटों पर हो रहे चुनाव
पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी हैं, जबकि छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद हैं। ये निर्वाचन क्षेत्र राज्य के सभी 75 जिलों में फैले हुए हैं, लेकिन केवल पंजीकृत स्नातक और शिक्षक मतदाता ही वोट डालने के पात्र हैं।
