चंडीगढ़ : बिजली संशोधन बिल के खिलाफ किसान मजदूर मोर्चा भारत के द्वारा पूरे पंजाब में 2 घंटे का सांकेतिक ट्रेन का आह्वान किया गया था, लेकिन पुलिस ने सुबह से ही कुछ किसान नेताओं को घरों में नजर बंद कर दिया और जब किस रेलवे ट्रैक पर पहुंचे तो उन्हें रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन बावजूद इसके कई जगहों पर किस रेलवे ट्रैक तक पहुंच गए।
किसानों का धरना खत्म
इस दौरान पुलिस के साथ टकराव भी हुआ और किसानों को हिरासत में लिया गया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा पुलिस ने किसानों को रोकने की पुरजोर कोशिश की, जिसके चलते अफरा-तफरी की घटनाएं हुईं और दर्जनों किसानों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन इसके बावजूद किसान ट्रेनें रोकने में सफल रहे। किसानों का धरना खत्म होने के बाद सभी किसान नेताओं की रिहाई हुई। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि इस कार्रवाई के दौरान दिल्ली-अमृतसर मेन रेलवे लाइन पर 30 मिनट जाम लगाने के बाद किसानों को गिरफ्तार किया गया।
देवीदासपुरा, मेहरबानपुरा गेट, धारीवाल रेलवे स्टेशन, अमृतसर जम्मू कश्मीर रोड, परमानंद गेट, पठानकोट, तरनतारन में मल्ल मोहरी और गोहलवार, फिरोजपुर बस्ती टैंक वाली फिरोजपुर, कोहर सिंह वाला गुरु हर सहाय, मल्लन वाला, तलवंडी भाई, मक्खू, जालंधर में शाहकोट, कपूरथला में डडविंडी, मोगा में घाल कलां और डगरू, फाजिल्का में शेर मोहम्मद गेट पर दोपहर करीब 1 से 3 बजे तक जाम लगाया गया।
लहरा मोहब्बत बठिंडा में एक घंटे जाम लगाने के बाद किसानों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि आज लोगों ने दिखा दिया है कि वे इस बिल के कितने खिलाफ हैं, इसलिए भगवंत मान को तुरंत इस बिल के खिलाफ केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजना चाहिए और केंद्र सरकार को किसानों के अधिकारों पर डाका डालने का अपना प्रयास बंद करना चाहिए। उन्होंने लोगों से इस बिल के खिलाफ बड़े पैमाने पर संघर्ष के लिए तैयार रहने की अपील की।
