मिजोरम में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और पढ़ाई का स्तर बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने नई पहल की है। शिक्षा मंत्री वनलालथलाना ने साल 2026 में 100 नियमित प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती करने की घोषणा की है। इसके साथ ही मिजोरम टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (MTET) के नियमों में बदलाव करने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे पहले से स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को परीक्षा पास करने के ज्यादा मौके मिल सकते हैं।
शिक्षा मंत्री ने ये घोषणाएं 23 अक्टूबर को आइजोल में मिजोरम प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन (MPTA) के सम्मेलन के दौरान कीं।
671 शिक्षकों की नियुक्ति को भी मंजूरी
शिक्षा मंत्री के मुताबिक, राज्य सरकार ने 671 शिक्षकों की नियुक्ति को भी मंजूरी दी है। सरकार का लक्ष्य स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों की पढ़ाई में सुधार करना है। मंत्री के अनुसार, मिजोरम को स्कूल शिक्षा से जुड़े परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) में देशभर में 31वां स्थान मिला है। ऐसे में छात्रों की सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन बेहतर करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
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MTET में बदलाव से शिक्षकों को मिल सकती है राहत
मिजोरम बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (MBSE) ऐसे इंतजामों पर काम कर रहा है, जिनसे जिन शिक्षकों की नौकरी में पांच साल से ज्यादा समय बाकी है, उन्हें 2028 से पहले MTET में शामिल होने का मौका मिल सके। सरकार परीक्षा साल में दो बार कराने और पहले से कार्यरत शिक्षकों के लिए मूल्यांकन से जुड़े नियमों में छूट देने पर भी विचार कर रही है। हालांकि, इन प्रस्तावों पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
बच्चों की समझ पर होगा पढ़ाई का आकलन
राज्य में बच्चों की पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए स्टैंडर्डाइज्ड असेसमेंट फॉर एलीमेंट्री स्कूल्स (SAfES) शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य यह जांचना है कि बच्चे विषयों को वास्तव में समझ रहे हैं या केवल रटकर जवाब दे रहे हैं। MPTA सम्मेलन में प्राथमिक स्कूलों में हिंदी पढ़ाने और सभी स्कूलों को कंप्यूटर उपलब्ध कराने की मांग से जुड़े प्रस्ताव भी पारित किए गए।
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