चण्डीगढ़

रोहतक में ट्रेन में जबरदस्त धमका, कोच में लगी आग; चलती गाड़ी से कूदे यात्री

हरियाणा में रोहतक से बहादुरगढ़ की ओर जा रही एक ट्रेन में जोर का धमाका होने से हड़कंप मच गया। धमाके के बाद ट्रेन की बोगी में आग लग गई। चार यात्री चलती ट्रेन से कूद गए, जिससे उन्हें बुरी तरह चोटे आई हैं।

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रोहतक में ट्रेन में जबरदस्त धमका

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

रोहतक: रोहतक से बहादुरगढ़ की ओर जा रही एक सवारी ट्रेन में जबरदस्त धमाका होने से भगदड़ मच गई। जानकारी के मुताबिक, यह धमाका में ट्रेन में ले जाए जा रहे गंधक-पोटाश में आग लगने की वजह से हुआ। धमाके के बाद ट्रेन के कोच में आग लग गई। लिहाजा, बचने के लिए चार यात्री चलती ट्रेन से ही कूद गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। इतना ही नहीं चार अन्य यात्रियों के आग में झुलसने की सूचना है। यह हादसा सांपला स्टेशन का बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर पर पहुंची जीआरपी और आरपीएफ ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

सवारियों में भगदड़ मची

रेल में सफर कर रही सवारियों ने बताया कि हम रोहतक रेलवे स्टेशन से बहादुरगढ़ जाने के लिए 4 बजकर 20 मिनट पर चलने वाली ट्रेन में सवार हुए थे। जैसे ही ट्रेन सापंला रेलवे स्टेशन से बहादुरगढ़ के लिए चली तभी अचानक एक धमाका हुआ। उस धमाके के साथ ही ट्रेन में आग लग गई। धमाके की आवाज से ट्रेन में बैठी सवारियों में भगदड़ मच गई, जिससे बचने के चक्कर में चार यात्री चलती गाड़ी से कूद गए, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। धमाके में आग से करीब चार सवारियों के हाथ पाव भी झुलस गए हैं। सभी घायल यात्रियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जिस डिब्बे में आग लगी उसमें बैठी सवारियों ने बताया कि सीट के नीचे किसी ने दिवाली पर बेचने के लिए गंधक पोटाश और उसको बचाने के लिए लोहे के औजार रखे हुए थे। तभी अचानक उस में आग लग गई और हादसा हो गया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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