Chandigarh News : वैसे तो कहा जाता है कि पुलिस जनता की मदद करने के लिए होती है, लेकिन कई बार पुलिस की लापरवाही के कारण जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही वाकया इस बार सामने आया है चंड़ीगढ़ से, जाहं पुलिस ने दो बच्चों के पिता का चालान उन्हें नाबालिग यानि अंडरएज बताकर काट दिया। धूप में स्कूटर लेकर जा रहा युवक काफी देर तक पुलिस के सामने गुहार लगाता रहा, लेकिन पुलिसकर्मी अपनी बात पर अड़ा रहा। काफी जद्दोजहद के बाद पीड़ित ने कोर्ट की चौखट तक पहुंचा और गुहार लगाई।
ये है पूरा मामला
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ निवासी राजू मैकेनिक हैं और चंडीगढ़ में रहते हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि वर्ष 2023 में जब वह अपने स्कूटर की रिपेयरिंग कराने के लिए जा रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया और अंडरएज बताते हुए उनके वाहन को पुलिस चौकी मकें जब्त करा लिया। इतना ही नहीं ट्रैफिक पुलिस ने ड्राइविंग लाइसेंस न होने और अंडर एज ड्राइविंग करने समेत कई नियमों का उल्लंघन बताकर चालान काट दिया था। इस दौरान पीड़ित ने कई बार अपनी उम्र बताई और खुद को दो बच्चों का पिता बताया, लेकिन पुलिस उसकी एक भी सुनने को तैयार नहीं थी। जिसके बाद पीड़ित को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
पीड़ित पक्ष की दलील भी सुनिए
चंडीगढ़ पुलिस का यह कारनामा जब कोर्ट पहुंचा तब पीड़ित पक्ष ने अपनी दलील दी। राजू के वकील ने कहा कि जिस समय ये वाकया हुआ उस समय पीड़ित पैदल जा रहा था। चंडीगढ़ पुलिस द्वारा स्कूटर जब्त करना पूरी तरह से गलत है। यद्यपि पीड़ित के पास वाहन से जुड़े हुए सभी दस्तावेज मौजूद हैं जो कि उसने पुलिस को उसी समय दिखाए भी थे। इसके बावजूद उसे पीड़ित को अंडरएज बताकर उसका चालान कर दिया गया।
कोर्ट ने क्या कहा
मामला जब कोर्ट पहुंचा तो पीड़ित से अपने जन्म प्रमाणपत्र को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया तब वकील ने राजू के सभी डॉक्टयूमेंट्स पेश किए। कोर्ट द्वारा सभी दस्तावेजों की गहनता से जांच पड़ताल की गई और फिर उसके बाद राजू को अंडरएज बताकर काटे गए चालान को रद्द कर दिया गया। बता दें कि इन सबके अलावा दूसरे कुछ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर कोर्ट ने राजू को तीन हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है।
आप भी जान लीजिए नियम
मोटर व्हीकल एक्ट कहता है कि अगर कोई नाबालिग (अंडर एज ) लड़का या लड़की वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तब ऐसी स्थिति में उनके माता-पिता को तीन साल तक की जेल और इसके साथ ही 25 हजार रुपए का जुर्माना भी देना पड़ सकता है। वहीं, इस एक्ट के अनुसार है एक और नियम ये भी है कि नाबालिग के वाहन चलाते हुए पकड़े जाने पर वह व्यक्ति 25 साल की उम्र तक अपने वाहन का ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनवा सकता।
