चंडीगढ़: चंडीगढ़ को ‘ब्यूटीफुल सिटी’ कहा जाता है। इसके कई कारण हैं। इस शहर की बनावट और बसावट के साथ यहां मौजूद झील और गार्डन हर किसी को अपनी तरफ खींचती हैं। मगर इन सबमें यहां का रोज गार्डन अपने आप में सबसे अलग है। चंडीगढ़ के रोज गार्डन में आपको गुलाब के फूलों की 1600 प्रजाति मिल जाएगी। इसके अलावा अन्य फूलों की करीब 825 प्रजातियां और 32,500 किस्म के पेड़-पौधे भी देखने को मिलेंगे। यह रोज गार्डन करीब 30 एकड़ की जमीन पर फैला हुआ है। इस गार्डन को एशिया के सबसे बड़े व सुंदर रोज गार्डन का खिताब हासिल है।रोज गार्डन की स्थापना साल 1967 में चंडीगढ़ के पहले प्रशासक एमएस रंधावा ने की थी। इस गार्डन का पूरा नाम ‘जाकिर हुसैन रोज गार्डन’ है।
बेहद ही सुंदर इस बाग में देश-विदेश से लोग आना पसंद करते हैं। इस गार्डन में आने-जाने के लिए कई दरवाजे बने हैं। बड़े-बड़े पेड़ों से घिरे इस गार्डन में लोगों के आराम करने के लिए सैकड़ों बेंच लगाए गए हैं। साथ ही शहर के लोगों के सैर व जॉगिंग करने के लिए भी कई रास्ते बनाए गए हैं। शाम होते ही इस गार्डन में संगीत के साथ चलने वाले रंगीन फव्वारे बरबस ही लोगों को अपनी तरफ खींच लेते हैं। इस गार्डन में पक्षियों व बटर फ्लाई की अलग-अलग प्रजातियां भी देखने को मिलेंगी।
अपने रोज फेस्टिवल के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध
इस पार्क में हजारों प्रजाति के गुलाब के फूलों के अलावा देश-विदेश के औषधीय पौधे भी लगाए गए हैं। इस गार्डन को प्रमोट करने और पर्यटकों के लिए हर साल फरवरी माह में नगर निगम चंडीगढ़ की तरफ से रोज फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है। तीन दिन तक चलने वाले इस रोज फेस्टिवल में देश के साथ विदेश के लोग भी पहुंचते हैं। इस दौरान यहां पर कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाता है।
रोज गार्डन जाने का सही समय
अगर आप भी रोज गार्डन देखने का प्लान बना रहे हैं तो यहां सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक जा सकते हैं। इसके अंदर जाने के लिए आपको 50 रूपए एंट्री फीस देनी होगी। इसके बाद पूरा दिन गुलाब के फूलों के बीच रह सकते हैं। रोज गार्डन को सुंदर बनाने व पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रशासन ने यहां पर एक खास अंडरपास भी बनाया है। जिसके अंदर लगाई गई ग्रीनरी व पौधे न सिर्फ शहर को अलग पहचान दिलाती है बल्कि पर्यटकों को भी खास अनुभव देती है।
