Chamoli Landslide: उत्तराखंड के सीमांत जिले चमोली में भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाले नीति-मलारी नेशनल हाईवे पर प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला है। सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान पहाड़ी का एक विशाल हिस्सा अचानक भरभराकर हाईवे पर आ गिरा। इस भूस्खलन के कारण न केवल सामरिक आवाजाही प्रभावित हुई है, बल्कि नीति घाटी के दो दर्जन से अधिक गांवों का तहसील मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट गया है।
डबल लेन काम के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, इन दिनों सीमा सड़क संगठन (BRO) नीति-मलारी हाईवे को डबल लेन बनाने का काम युद्ध स्तर पर कर रहा है। सड़क कटिंग के दौरान पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा कमजोर होकर सड़क पर आ गिरा। गनीमत रही कि जिस समय मलबा गिरा, वहां कोई वाहन या मजदूर इसकी चपेट में नहीं आया, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
24 से ज्यादा गांव हुए अलग-थलग
लैंडस्लाइड के कारण हाईवे पर चट्टानों और मलबे का ढेर लग गया है। इसके चलते नीति घाटी के सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क बंद होने से गांवों तक जरूरी रसद की आपूर्ति रुक गई है। बीमार लोगों को अस्पताल तक पहुंचाना लगभग नामुमकिन हो गया है। यह मार्ग सेना और आईटीबीपी के लिए लाइफलाइन है, जिसकी वजह से सीमा पर रसद और सैन्य हलचल पर भी असर पड़ा है।
राहत कार्य में बाधा बना 'पत्थरों का गिरना'
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और बीआरओ (BRO) की टीमें जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच गई हैं। हालांकि, मलबा हटाने के कार्य में भारी चुनौतियां आ रही हैं। पहाड़ी के ऊपरी हिस्से से अभी भी रुक-रुक कर पत्थर गिर रहे हैं, जिससे मशीनों को चलाने और मजदूरों के काम करने में खतरा बना हुआ है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने आम जनता से इस हिस्से से दूर रहने की अपील की है।
अधिकारियों का बयान
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिकता सड़क को जल्द से जल्द खोलने की है। लेकिन विशालकाय बोल्डरों को हटाने के लिए ब्लास्टिंग या ड्रिलिंग की जरूरत पड़ सकती है। मौसम साफ रहने पर जल्द ही मार्ग सुचारू होने की उम्मीद है, हालांकि ग्रामीणों को अभी कुछ और समय तक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
