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नोएडा इंजीनियर मौत मामला: स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट आवंटन घोटाले की जांच करेगी CBI

नोएडा इंजीनियर युवराज की मौत मामले के तूल पकड़ने के बाद सामने आई स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट आवंटन घोटाले की जांच में अब CBI की एंट्री हो गई है। स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट आवंटन घोटाले की जांच सीबीआई करेगी और इसमें एमजेड विज टाउन बिल्डर की भूमिका खंगाली जाएगी। मामले में लगातार गिरफ्तारियों का सिलसिला चल रहा है।

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सांकेतिक तस्वीर (PTI)

Photo : PTI

Noida News: नोएडा में इंजीनियर युवराज की मौत मामले से खुली स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट आवंटन घोटाले की परतों में अब जांच तेज होने वाली है। इस मामले में अब CBI की एंट्री हो गई है। स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट आवंटन घोटाले की जांच CBI करेगी और इसमें एमजेड विज टाउन बिल्डर की भूमिका खंगाली जाएगी। CBI ने नोएडा प्राधिकरण से विज टाउन से संबंधित फाइलें भी अपने कब्जे में ली हैं। बताया जा रहा है कि स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट का हिस्सा विज टाउन को बेचा गया था और घटना वाली खाई स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट नंबर-2 में स्थित है। इस मामले में नोएडा पुलिस पहले ही दो FIR दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। विज टाउन पर प्राधिकरण का करोड़ों रुपये का बकाया भी है।

मामले में दो और बिल्डर हुए गिरफ्तार

नोएडा पुलिस ने गुरुवार को सेक्टर 150 में एक जलभराव वाली खाई में वाहन गिरने के बाद डूबने से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत की जांच के सिलसिले में दो और बिल्डरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारी ने समाचार एजेंसी PTI को बताया, गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान रवि बंसल और सचिन कर्णवाल के रूप में हुई है। गुरुग्राम में काम करने वाले युवराज मेहता (27) 16-17 जनवरी की दरमियानी रात को सेक्टर 150 स्थित अपने घर लौट रहे थे, तभी उनकी कार एक निर्माण स्थल के पास पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। लगभग दो घंटे तक मदद के लिए गुहार लगाने के बाद उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने बताया कि तकनीशियन के पिता की शिकायत के बाद नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या), 106 (लापरवाही से मृत्यु का कारण बनना) और 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य) और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।

पहले भी हुई थी एक गिरफ्तारी

पुलिस ने इससे पहले इस मामले के सिलसिले में एमजेड विजटाउन प्लानर्स के निदेशक अभय कुमार को भी गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इससे पहले इस मामले के सिलसिले में एमजेड विजटाउन प्लानर्स के निदेशक अभय कुमार को भी गिरफ्तार किया था। आरोपी को नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन की टीम ने हिरासत में लिया। सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले की जांच के लिए गठित की गई तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम ने मंगलवार से अपनी जांच शुरू कर दी। मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) भानु भास्कर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम मामले की जांच कर रही है। ADG भानु भास्कर, मेरठ के मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और लोक निर्माण विभाग के मुख्य इंजीनियर अजय वर्मा दोपहर करीब 12 बजे सबसे पहले नोएडा विकास प्राधिकरण के दफ्तर पहुंचे, यहां से मामले की जांच शुरू की। जांच समिति के सदस्यों ने मृतक के परिजनों से भी मुलाकात की।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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