Deepak Gehlawat Arrest: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रिश्वतखोरी के एक मामले में हरियाणा कैडर के 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी फिलहाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS), दिल्ली में तैनात थे।
पांच दिन की हिरासत की मांग
वहीं गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने दीपक गहलावत को दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। जांच एजेंसी ने मामले में गहन पूछताछ के लिए अदालत से दीपक गहलावत की पांच दिन की हिरासत की मांग की है। फिलहाल अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुन ली हैं और उनकी कस्टडी को लेकर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।
अवैध रिश्वत की मांग
CBI के अनुसार, इस मामले में 8 जून 2026 को दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और दो निजी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत ने दावा किया था कि वह अपने व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल कर पुडुचेरी में नकली दवाओं की बिक्री से जुड़े CBI के मामलों में आरोपियों को राहत दिला सकते हैं। इसके बदले उन्होंने अवैध रिश्वत की मांग की थी।
इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह समेत सात आरोपियों को गिरफ्तारी
बताया जा रहा है कि इससे पहले इस मामले में CBI दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जानकारी के मुताबिक उस कार्रवाई के दौरान करीब 25 लाख रुपये की ट्रैप राशि, 90 लाख रुपये नकद तथा कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे। ताजा कार्रवाई के तहत CBI ने आरोपी आईपीएस अधिकारी से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली, जहां से डिजिटल डिवाइस, हार्ड डिस्क और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
2012 बैच के आईपीएस अधिकारी
CBI का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और इस दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार दीपक गहलावत मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत के गांव निजामपुर माजरा के रहने वाले हैं। मौजूदा समय में उनका परिवार रोहतक में रहता है। दीपक गहलावत साल 2012 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। बता दें कि वह गुरुग्राम में पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) के अलावा कई जिलों में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
