Delhi News: क्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के मुताबिक यहां एक पांच मंजिला इमारत के गिरने से कई लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार, पूरी बहुमंजिला इमारत ढह गई और मलबे के बड़े ढेर में तब्दील हो गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इमारत के भूतल पर एक कोचिंग संस्थान था और ऊपरी मंजिलों पर निर्माण कार्य चल रहा था।
8 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया
अबतक 8 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। आशंका है कि फंसे हुए अन्य लोग छात्र भी हो सकते हैं। एक स्थानीय निवासी ने बताया, " इमारत के मलबे में फंसे तीन से चार लोगों को बचा लिया गया है। उन्हें मामूली चोटें आई हैं और इलाज के लिए ले जाया गया है।" उन्होंने बताया, "यह शीशे की बाहरी संरचना वाली एक व्यावसायिक इमारत थी। घटना के समय अंदर कितने लोग थे, इसका सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है। आम तौर पर यहां 300 से 400 लोग मौजूद रहते हैं, लेकिन हमें उम्मीद है कि इमारत गिरने के समय अंदर अपेक्षाकृत कम लोग थे।"
स्थानीय निवासी ने दी क्या जानकारी?
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस हादसे का असर आसपास की कुछ छोटी संरचनाओं तक ही सीमित था, जबकि आसपास की इमारतें सुरक्षित रहीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पास की एक छोटी इमारत, जिसमें भोजनालय था, भी प्रभावित हुई। वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया और कुछ मामूली चोटों के अलावा, अभी तक कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है। एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने बताया, "यह एक व्यावसायिक इमारत थी जहां छात्र कक्षाएं लेते थे और लोग काम करते थे। अगर यह हादसा कार्यालय समय के दौरान हुआ होता, तो मरने वालों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी। मुझे लगता है कि इस समय भी तीन-चार लोग नाइट शिफ्ट में काम कर रहे होंगे, और वे घायल या मृत हो सकते हैं। निर्माण की गुणवत्ता घटिया थी।"
शाम 7:45 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को शनिवार शाम 7:45 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। यह घटना सैदुलाजाब में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास वेस्टर्न मार्ग पर हुई। दमकल की सात गाड़ियों को मौके पर भेजा गया है। घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में इमारत कंक्रीट, मुड़ी हुई धातु और टूटे हुए खंभों के ढेर में तब्दील हो चुकी थी, और मलबा पूरे क्षेत्र में बिखरा हुआ था। स्थानीय निवासी और पड़ोसी टॉर्च और मोबाइल फोन लेकर घटनास्थल पर पहुंचे, ताकि नुकसान की सीमा का पता लगाया जा सके और यह पड़ताल की जा सके कि कहीं कोई मलबे के नीचे फंसा तो नहीं है।
इलाके में मची अफरातफरी
दमकल कर्मियों और पुलिस टीमों द्वारा खोज और बचाव अभियान शुरू किए जाने के बाद, चिंतित स्थानीय लोगों को मलबे में खोजबीन करते देखा गया। संकरी गली और घनी आबादी वाले इलाके में अफरातफरी का मंजर देखने को मिला। स्थानीय निवासी बचाव वाहनों और कर्मियों के लिए रास्ता खाली करने की कोशिश कर रहे थे। कई लोगों ने खोजबीन में मदद के लिए मोबाइल फोन की लाइट का इस्तेमाल किया। आस-पास की इमारतों को तत्काल कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। अधिकारियों ने अभी तक फंसे हुए लोगों की संख्या की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और दिल्ली के पुलिस के जवान घटनास्थल पर मौजूद है। युद्धस्तर पर जेसीबी मशीन के जरिए मलबे को हटाने का काम चल रहा है।
