शहर

दक्षिण दिल्ली के साकेत में ढही पांच मंजिला इमारत, अबतक 8 लोगों निकाला गया बाहर; जोरों-शोरों से चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास शनिवार शाम एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि बचाव अभियान तेजी से जारी है। मौके पर दमकल की कई गाड़ियां और पुलिस टीम राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

Image

दक्षिण दिल्ली के साकेत में पांच मंजिला इमारत ढही

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Delhi News: क्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। जानकारी के मुताबिक यहां एक पांच मंजिला इमारत के गिरने से कई लोगों के मलबे के नीचे फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार, पूरी बहुमंजिला इमारत ढह गई और मलबे के बड़े ढेर में तब्दील हो गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इमारत के भूतल पर एक कोचिंग संस्थान था और ऊपरी मंजिलों पर निर्माण कार्य चल रहा था।

8 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया

अबतक 8 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। आशंका है कि फंसे हुए अन्य लोग छात्र भी हो सकते हैं। एक स्थानीय निवासी ने बताया, " इमारत के मलबे में फंसे तीन से चार लोगों को बचा लिया गया है। उन्हें मामूली चोटें आई हैं और इलाज के लिए ले जाया गया है।" उन्होंने बताया, "यह शीशे की बाहरी संरचना वाली एक व्यावसायिक इमारत थी। घटना के समय अंदर कितने लोग थे, इसका सटीक अनुमान लगाना मुश्किल है। आम तौर पर यहां 300 से 400 लोग मौजूद रहते हैं, लेकिन हमें उम्मीद है कि इमारत गिरने के समय अंदर अपेक्षाकृत कम लोग थे।"

स्थानीय निवासी ने दी क्या जानकारी?

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस हादसे का असर आसपास की कुछ छोटी संरचनाओं तक ही सीमित था, जबकि आसपास की इमारतें सुरक्षित रहीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि पास की एक छोटी इमारत, जिसमें भोजनालय था, भी प्रभावित हुई। वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया और कुछ मामूली चोटों के अलावा, अभी तक कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई है। एक अन्य स्थानीय व्यक्ति ने बताया, "यह एक व्यावसायिक इमारत थी जहां छात्र कक्षाएं लेते थे और लोग काम करते थे। अगर यह हादसा कार्यालय समय के दौरान हुआ होता, तो मरने वालों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी। मुझे लगता है कि इस समय भी तीन-चार लोग नाइट शिफ्ट में काम कर रहे होंगे, और वे घायल या मृत हो सकते हैं। निर्माण की गुणवत्ता घटिया थी।"

शाम 7:45 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली

दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) को शनिवार शाम 7:45 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। यह घटना सैदुलाजाब में साकेत मेट्रो स्टेशन के पास वेस्टर्न मार्ग पर हुई। दमकल की सात गाड़ियों को मौके पर भेजा गया है। घटनास्थल से प्राप्त तस्वीरों में इमारत कंक्रीट, मुड़ी हुई धातु और टूटे हुए खंभों के ढेर में तब्दील हो चुकी थी, और मलबा पूरे क्षेत्र में बिखरा हुआ था। स्थानीय निवासी और पड़ोसी टॉर्च और मोबाइल फोन लेकर घटनास्थल पर पहुंचे, ताकि नुकसान की सीमा का पता लगाया जा सके और यह पड़ताल की जा सके कि कहीं कोई मलबे के नीचे फंसा तो नहीं है।

इलाके में मची अफरातफरी

दमकल कर्मियों और पुलिस टीमों द्वारा खोज और बचाव अभियान शुरू किए जाने के बाद, चिंतित स्थानीय लोगों को मलबे में खोजबीन करते देखा गया। संकरी गली और घनी आबादी वाले इलाके में अफरातफरी का मंजर देखने को मिला। स्थानीय निवासी बचाव वाहनों और कर्मियों के लिए रास्ता खाली करने की कोशिश कर रहे थे। कई लोगों ने खोजबीन में मदद के लिए मोबाइल फोन की लाइट का इस्तेमाल किया। आस-पास की इमारतों को तत्काल कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। अधिकारियों ने अभी तक फंसे हुए लोगों की संख्या की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और दिल्ली के पुलिस के जवान घटनास्थल पर मौजूद है। युद्धस्तर पर जेसीबी मशीन के जरिए मलबे को हटाने का काम चल रहा है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!