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Sohrabuddin Encounter Case: बरी हो चुके 22 आरोपियों को बड़ी राहत, बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI कोर्ट का फैसला बरकरार रखा

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए 22 आरोपियों के बरी होने के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज कर दिया है।

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने Sohrabuddin Encounter Case में याचिका खारिज की

Sohrabuddin Encounter Case: साल 2005 में हुआ सोहराबुद्दीन एनकाउंटर काफी विवादों में रहा था। इस मामले में सीबीआई कोर्ट ने 22 लोगों को बरी कर दिया था। सीबीआई कोर्ट के इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती देने के लिए याचिका दायर की गई थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। बता दें कि सोहराबुद्दीन एनकाउंटर देश के सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल एनकाउंटरों में से एक माना जाता है।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने आज यानी गुरुवार 7 मई को याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह एक ऑपरेटिव आर्डर है, अभी तक हमें याचिका खारिज किए जाने के कारणों का पता नहीं है। उन्होंने कहा, डिटेल ऑर्डर आने के बाद ही पता चलेगा कि किस वजह से याचिका को खारिज किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

सोहराबुद्दीन शेख का कथित फेक एनकाउंटर साल 2005 में हुआ था। बताया जाता है कि उसके बाद सोहराबुद्दीन की पत्नी कौसर बी की भी हत्या कर दी गई थी। इस मामले का मुख्य गवाह तुलसीराम प्रजापति भी साल 2006 में एक अन्य कथित फेक एनकाउंटर में मारा गया था।

शुरुआती जांच के दौरान इस मामले की जांच गुजरात सीआईडी ने की थी। बाद में यह मामला CBI को सौंपा गया था। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से रिक्वेस्ट की थी कि मामले को मुंबई ट्रांसफर कर दिया जाए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2012 में यह मामला मुंबई ट्रांसफर कर दिया।

साल 2018 में सभी आरोपी हुए रिहा

साल 2013 में सोहराबुद्दीन, उसकी पत्नी कौसर बी और साथी तुलसीराम प्रजापति के एनकाउंटर मामलों को इकठ्ठा कर मुंबई की विशेष CBI अदालत में सुनवाई शुरू हुई। सबूतों के अभाव के चलते कोर्ट ने साल 2018 में सभी आरोपियों को रिहा कर दिया।

इसी साल इस मामले की सुनवाई बॉम्बे हाईकोर्ट में शुरू हुई। सोहराबुद्दीन के भाइयों ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। एनकाउंटर मामले में पुलिसकर्मियों और अन्य को सीबीआई कोर्ट से बरी किए जाने के खिलाफ मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम ए. अंखड की पीठ सुनवाई के बाद उनकी याचिका को खारिज कर दिया।

atul. Singh
अतुल सिंहauthor

मैं अतुल सिंह,मैं 14 वर्षों से अधिक समय से टीवी पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों को खबरों को कवर करने वाला अनुभवी पत्रकार हूं। वर्तमान में Times Now नवभारत के लिए principal correspondent हूं। मैंने इंडिया टीवी, ज़ी न्यूज़,IBN 7 (न्यूज़ 18),Lemon न्यूज़ जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ भी काम किया है। मनोरंजन,नागरिक मुद्दे ,इंफ्रा,राजनीति,आम और विधानसभा चुनाव और अपराध जैसे विषयों को बखूबी कवर किया है। वर्तमान में मुम्बई ब्यूरो से जुड़ा हुआ हूं। कई राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कई विशेष खबरें भी कवर किया है।

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