कल आए एग्जिट पोल्स के अनुसार बीएमसी में भाजपा गठबंधन को बहुमत मिल सकता है। बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना को 227 में से 130-150 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि बहुमत का आंकड़ा 114 का है। एग्जिट पोल्स के अनुसार कांग्रेस गठबंधन को भी 60 सीटें मिल सकती हैं। अन्य को 5-7 सीटें मिलने का अनुमान है।
बीएमसी के चुनाव को एक नगर निगम का चुनाव मानने की गलती न करें, यह मुंबई की सत्ता की लड़ाई है। बीएमसी का बजट 74 हजार करोड़ रुपये का है और इस तरह यह एशिया की सबसे बड़ी सिविक बॉडी है। जब शिवसेना का विभाजन नहीं हुआ था तब 1997 से 2017 तक बीएमसी पर शिवसेना का राज था और BJP उसकी सहयोगी पार्टी थी।
बीएमसी का बजट उत्तर भारत के हिमालयी राज्य हिमाचल प्रदेश से भी ज्यादा है। हिमाचल प्रदेश का साल 2025-26 का बजट 58514 करोड़ रुपये है जो बीएमसी से 15486 करोड़ कम है।
नॉर्थ-ईस्ट के राज्य अरुणाचल प्रदेश का साल 2025-26 का कुल बजट 39842 करोड़ रुपये है, जो बीएमसी से पूरा 34158 करोड़ रुपये कम है।
उत्तर-पूर्व के एक और राज्य त्रिपुरा का बजट भी बीएमसी के आगे कहीं नहीं टिकता। त्रिपुरा का बजट 31412 करोड़ रुपये है जो बीएमसी से 42588 करोड़ रुपये ज्यादा है।
गोवा को अपने खूबसूरत समुद्री बीचों के लिए जाना जाता है और साल 2025-26 में गोवा का बजट 28162 करोड़ रुपये है, जो बीएमसी से 45838 करोड़ रुपये कम है।
सिक्किम का साल 2025-26 का बजट 16 हजार करोड़ रुपये का है, जो बीएमसी के बजट से चार गुना से भी ज्यादा कम है। बीएमसी और सिक्किम राज्य के बजट में 58 हजार करोड़ रुपये का अंतर है।
बीएमसी के बजट के आगे मणिपुर, मेघालय और नगालैंड जैसे राज्य भी कहीं नहीं टिकते हैं।