Bihar News: बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नई सरकार ने अपने पहले ही कैबिनेट बैठक में बड़ा और सख्त निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत 11 शहरों में जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक लगा दी गई है। CM Samrat Choudhary की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 22 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें सबसे चर्चित फैसला सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का है।
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार राज्य सरकार पटना, गया, मुंगेर, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया, सोनपुर सहित 11 प्रमुख शहरों के आसपास आधुनिक उपनगर (Satellite Cities) बसाने जा रही है। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, भागलपुर और छपरा में यह प्रतिबंध 30 जून 2027 तक, जबकि पटना और अन्य शहरों में 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगा।
मास्टर प्लान बनने तक खरीद-फरोख्त बंद
नगर विकास विभाग के मुताबिक, जब तक इन प्रस्तावित शहरों का मास्टर प्लान तैयार नहीं हो जाता, तब तक किसी भी प्रकार के निर्माण या जमीन की खरीद-फरोख्त की अनुमति नहीं दी जाएगी। मास्टर प्लान के तहत कोर एरिया, स्पेशल एरिया, लैंड यूज और इंफ्रास्ट्रक्चर की विस्तृत रूपरेखा तय की जाएगी।
अब बनेंगे पाटलिपुत्र, मगध और मिथिला शहर
सरकार ने इन नए शहरों को सांस्कृतिक पहचान देने के लिए इनके नाम भी तय किए हैं। पटना के पास ‘पाटलिपुत्र’, सोनपुर के पास ‘हरिहरनाथपुर’, गया में ‘मगध’ और दरभंगा में ‘मिथिला’ नाम से टाउनशिप विकसित किए जाएंगे।
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पुलिस दीदी करेंगी छात्राओं की सुरक्षा
कैबिनेट के अन्य फैसलों में 80 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को घर जाकर जमीन रजिस्ट्री सुविधा देने का भी निर्णय शामिल है। वहीं, छात्राओं की सुरक्षा के लिए ‘पुलिस दीदी’ की तैनाती की जाएगी, जिनके लिए स्कूटी और मोटरसाइकिल खरीदी जाएंगी।
यहां बनेगा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट
इसके अलावा, सड़क दुर्घटनाओं को ‘स्थानीय आपदा’ का दर्जा देते हुए पीड़ितों को SDRF से मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। सोनपुर और भागलपुर के अजगैबीनाथ धाम में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाए जाएंगे, जबकि बाबा हरिहरनाथ मंदिर को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
सरकार का यह कदम सिर्फ विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि भू-माफियाओं पर सीधा प्रहार भी माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस योजना से बड़े शहरों से जनसंख्या का दबाव कम होगा और नए आर्थिक केंद्र विकसित होंगे, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
