बिहार में कई ऐसी चीजें उपजाई जाती हैं, जो दुनियाभर में मशहूर है। लेकिन, बात जब मुजफ्फरपुर की लीची की आती है तो इसका स्वाद सब भर भारी पड़ता है। यहां की शाही लीची की बात ही अलग है। हर कोई मुजफ्फरपुर के शाही और टेस्टी लीची का स्वाद के लोग दीवाने हैं। ऐसे में अब ये शाही लीची बिहार के दरभंगा और मुजफ्फरपुर सहित उत्तर बिहार के अलग-अलग जिलों से देश और विदेशों में भेजे जाएंगे। जी हां, इसकी शुरुआत की दी गई है। अब कार्गो जेट से के जरिए यहां के लीची का स्वाद हर कोई ले सकेगा।
दरभंगा एयरपोर्ट ने शुरू की सेवा
कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने कऔर स्थानिय किसानों को समर्थन देने के लिए दरभंगा एयरपोर्ट ने शाही लीची के परिवहन के लिए कार्गो सेवा की शुरुआत की है। इस मौके पर लीची ग्रोअर्स एसोसिएशन के सलाहकार कृष्ण गोपाल सिंह और विश्वसेना एग्रो एंड डेयरी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक स्पाइसजेट कार्गो से मैनेजर सोनू सहित दूसरे लोग शामिल हुए हैं।
लीची उत्पादकों को होगा फायदा
अब ये शाही लीची बिहार से देश और विदेश तक पहुंचेंगे। जहां से घरेलू बाजार में चार या पांच घंटे और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में 10 से 24 घंटे में पहुंचेंगे। इसे लेकर लीची ग्रोअर्स एसोसिएशन के सलाहकार कृष्ण सिंह का कहना है कि यह नई कार्गो सेवा विहार के लीची उत्पादकों के लिए एक गेम चेंजर हो सकता है। इससे किसानों की जिंदगी पर काफी अहम प्रभाव पड़ेगा।
ट्रेनों से भी भेजे जाएंगे लीची
इतना ही नहीं, इसके अलाव तीन और ट्रेनों के माध्यम से भी लीची भेजने की प्लानिंग चल रही है। इसे लेकर लीची ग्रोअर्स एसोसिएशन और उत्पादक संघ की तरफ से पत्र लिखा गया है। इस पत्र में बताया गया है कि जयनगर से लोकमान्य तिलक जाने वाली ट्रेन में 1 वीपी और 2 एसएलआर बुक करने की जरूरत है। इनमें एक एसएलआर को समस्तीपुर से वीपी और एक को को मुजफ्फरपुर से बुक किया जाना है। इसके साथ ही बरौनी से अहमदाबाद अंत्योदय एक्सप्रेस और रक्सौल लोकमान्य तिलक में भी एक वीपी की मांग की गई है।
मुजफ्फरपुर से स्टेशन तक जाने में होगी आसानी
इन सभी एसएलआर और वीपी की बुकिंग रलेवे के जरिए ही की जानी है। इससे किसानों को मुजफ्फरपुर से अलग-अलग रेलवे स्टेशनों तक अपनी लीची ले जाने में सुविधा होगी। इसे लेकर यह भी कहा गया है कि इसे 21 मई से जोड़ा जाएगा। यह भारतीय रेलवे और उत्पादकों के लिए कारगर होगा।
